रेहड़ी फड़ी लगाने वालों के खिलाफ चालान करने की कार्रवाई पर पाबंदी और निगम की लापरवाही से शहर में अतिक्रमण बढ़ा। नगर निगम की लापरवाही के कारण टेंडर अलॉट होने के बावजूद शहर में स्ट्रीट वेंडर एक्ट के तहत सर्वे शुरू नहीं हो पाया है।
नगर निगम ने 13 मई से शहर में एक्ट के तहत रेहड़ी फड़ी लगाने वालों के खिलाफ चालान करने की कार्रवाई पर पाबंदी लगाई हुई है। ऐसे में वर्तमान में काम कर रहे फड़ी वालों ने अपने मूल राज्यों से अपने रिश्तेदारों को भी बुला कर फड़ियां लगवा दी हैं। शहर के प्रमुख बाजारों में शाम को यह हाल हो गया है कि लोगों के पैदल चलने की जगह भी नहीं बची है।
अभी सर्वे का काम छह माह तक चलेगा, ऐसे में शहरवासियों को बाजारों में अतिक्रमण से मुक्ति नहीं मिल पाएगी। यह डिजिटल सर्वे होगा प्रति वेंडर के सर्वे का कंपनी को 310 रुपये का भुगतान किया गया है। नगर निगम के सर्वे के बाद सभी फड़ी वालों को लाइसेंस देने की योजना है। अतिक्रमण हटाओ दस्ते के अनुसार शहर में पहले 8 हजार फड़ियां बाजारों में लगती थीं। लेकिन जब से नगर निगम ने चालान पर पाबंदी लगाई है, तब से शहर में इस समय 20 हजार फड़ियां लग रही हैं।
अगले सप्ताह से शुरू होगा सर्वे निगम के ज्वाइंट कमिश्नर वीरेंद्र चौधरी का कहना है कि सर्वे का काम हरियाणा नवयुवक कला संघ को अलॉट किया गया है। उनका कहना है कि अभी कंपनी की ओर से सर्वे करने वाले प्रतिनिधियों को ट्रेनिंग दी जा रही है। अगले सप्ताह से कंपनी सर्वे का काम शुरू कर देगी। उनका कहना है कि पार्किंग और ऐसी जगह पर फड़ी लगाने की मंजूरी नहीं है जहां पर आवाजाही बाधित हो।
फिर कार्रवाई न करने की छूट पहले क्यों दी फॉसवेक के चेयरमैन बलजिंदर सिंह बिट्टू का कहना है कि डेढ़ माह से शहर में सैकड़ों फड़ियां बढ़ गई है। जब कंपनी को सर्वे शुरू करना था, उसी समय नगर निगम को कार्रवाई न करने के आदेश जारी करने चाहिए थे। 13 मई को ही चालान काटने पर पाबंदी लगाने से शहर में अतिक्रमण बढ़ गया है। इस समय शहर के पार्किंग स्थल और लोगों के पैदल चलने वाले फुटपाथ पर भी फड़ी बाजार लग रहा है। ऐसा हाल अभी अगले छह माह तक रहेगा, जिससे स्थिति और खराब हो जाएगी।
कारोबार हो रहा प्रभावित व्यापार मंडल के चेयरमैन चरणजीव सिंह का कहना है कि फड़ी वाले व्यापारियों की दुकानों के बाहर ही दुकान लगा लेते हैं। अगर व्यापारी अपनी दुकान के बाहर कोई सामान डिस्पले के लिए रखता है तो अतिक्रमण हटाओ दस्ता सामान जब्त कर लेता है। उनका कहना है कि फड़ी बाजार से ग्राहक दुकान के भीतर नहीं आ रहे हैं, जिस कारण कारोबार प्रभावित हो रहा है। जबकि व्यापारी सरकार को टैक्स भी देता है।
25 हजार को मिलेगा लाइसेंस इस एक्ट के तहत 25 हजार स्ट्रीट वेंडर्स को नए साल में लाइसेंस दिया जाएगा। इसके साथ यह जरूरी नहीं है कि जिस बाजार में कोई स्ट्रीट वेंडर काम कर रहा है, उसे सर्वे के बाद उसी सेक्टर एवं उसी स्थान पर दुकान लगाने की मंजूरी दी जाए। ऐसे में फड़ी वाले को दूसरे बाजार में भी शिफ्ट किया जाएगा। हर सेक्टर की जनसंख्या के दो प्रतिशत के हिसाब से स्ट्रीट वेंडर वहां पर बिठाए जाएंगे।
सर्वे के दौरान रखें पहचान पत्र सर्वे के दौरान फड़ी वाले अपने पास एक पहचान पत्र जरूर रखें। पहचान पत्र न होने की स्थिति में पिछले दिनों में अतिक्रमण हटाओ दस्ते की ओर से काटे गए चालान की पर्ची साथ रखना जरूरी है।