पंद्रह वर्षीय नाबालिग किशोरी के अपहरण और दुष्कर्म का आरोपी 24 साल बाद बदायूं (उत्तर प्रदेश) से पकड़ा गया है। आरोपी की पहचान हरिचंद (48) के रूप में हुई है। पुलिस से बचने के लिए आरोपी बदायूं जिले के एक गुरुद्वारा साहिब में सिख का रूप धारण कर पाठी बन कर बैठा था। विभाग के पीओ एवं समन स्टाफ की टीम आरोपी को दबोचकर चंडीगढ़ ले आई है।
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मनीमाजरा थाना पुलिस ने 6 दिसंबर 1999 को शादी का लालच देकर नाबालिग किशोरी का अपहरण करने, गैरकानूनी रूप से कैद में रखने, धमकाने और दुष्कर्म की धारा के तहत हरिचंद के खिलाफ केस दर्ज किया था। पीड़िता के पिता के आरोप के मुताबिक, उनके नौ बच्चे हैं और वह एक ईंट भट्ठे में रहते थे। भट्ठे में काम करने वाले प्रेमपाल, महेंद्र सिंह, हरिचंद, शीशपाल और प्रीतम सिंह ने उनकी नाबालिग बेटी को अगवा कर लिया।
मामला दर्ज होने के बाद केस की सुनवाई में पेश न होते हुए आरोपी हरिचंद फरार हो गया था। 20 फरवरी 2004 को चंडीगढ़ जिला अदालत की तत्कालीन न्यायिक मजिस्ट्रेट पूनम राठी ने आरोपी को भगोड़ा करार दिया था। पीओ स्टाफ के मुताबिक, आरोपी अपनी पहचान लगातार छुपाता हुआ अपने पते भी बदल रहा था। आरोपी को मंगलवार को जिला अदालत में पेश कर बुडै़ल जेल भेज दिया गया है।