अशोक ने उसे दूसरी जाति के लड़के के साथ शादी करने पर परिवार की समाज में बेइज्जती का हवाला दिया। इसके बाद भी किरण अपने फैसले से नहीं पलटी तो अशोक ने 10 फरवरी 2017 को जहर देकर उसकी हत्या कर दी। अशोक ने जहर देने से पहले उससे सुसाइड नोट भी लिखवाया था। इसके बाद परिवार वालों ने आनन-फानन में किरण का अंतिम संस्कार कर दिया। किरण के पति रोहताश की शिकायत पर घटना के चार दिन बाद 14 फरवरी को सदर थाने में केस दर्ज हुआ था। किरण के भाई अशोक को आरोपी बनाया गया था।
बचाव पक्ष के वकील की दलील
अदालत में बचाव पक्ष के वकील एडवोकेट ललित गोयत ने दलील दी कि लड़की की डेथ नेचुरल है। कोई मर्डर नहीं किया गया। अंतिम संस्कार 10 फरवरी को पूरे गांव के सामने किया गया था। 14 को मामले में एफआईआर हुई थी, जिसमें गवाह मुकर गया था। जांच में पुलिस साबित नहीं कर पाई है कि किरण की हत्या की गई है और किस तरीके से कैसे की गई है।
शिकायतकर्ता के वकील जितेंद्र कुश ने दलील दी कि मौत की सूचना पुलिस को नहीं दी गई। न ही शव का पोस्टमार्टम कराया गया। आनन-फानन में शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। मामले को घुमाने के लिए सुसाइड नोट लिखा गया था, जो जांच में फर्जी पाया गया। युवती ने अंतरजातीय विवाह किया था और अपनी हत्या होने का अंदेशा पहले ही जता दिया था।
झूठी शान के लिए यह रिश्तों का कत्ल है, इससे अविश्वास पैदा हुआ, देश को बचाने के लिए सख्त फैसले जरूरी : जज
दोषी ने अपनी और परिवार की झूठी शान के लिए यह हत्या की है। ऑनर किलिंग ठंडे दिमाग से सोच-समझकर की गई हत्या है और यह जाति से बाहर किए गए प्रेम विवाह में की जाती है। जात-पांत का सिस्टम देश के लिए अभिशाप है। देश को बचाए रखने के लिए ऐसे कृत्यों पर सख्त फैसले जरूरी हैं।
देश में जहां भाई-बहन के प्यार व बहन की रक्षा से जुड़े कई सारे त्योहार मनाए जाते हैं, वहां पर एक भाई द्वारा सगी बहन का कत्ल करना रिश्तों का कत्ल है। झूठी शान के लिए किए गए इस कृत्य से रिश्तों में अविश्वास पैदा हुआ है। इस अविश्वास को खत्म करने के लिए सख्त से सख्त सजा देना जरूरी है। जो लोग ऐसी साजिश रचते हैं वह यह याद रखें कि फांसी का फंदा उनका इंतजार कर रहा है।- डॉ. पंकज, न्यायाधीश, महिला विरुद्ध गंभीर अपराध स्पेशल अदालत