एचएमटी पिंजौर में 8.30 से 4.30 बजे तक जनरल शिफ्ट खत्म होने के बाद कर्मचारियों को घर छोड़ने के लिए कंपनी से एक साथ कई बसें निकलती हैं। बुधवार शाम करीब पांच बजे चार बसें एक-दूसरे के पीछे पंचकूला की ओर जा रही थीं। सबसे आगे जा रही बस अचानक रुक गई। इसके बाद एक-एक कर पीछे से आ रहीं तीनों बस एक-दूसरे से टकरा गईं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, तीसरी बस में पिछली सीट पर बैठे पांच लोग फंस गए।
घायलों में दो की हालत गंभीर
इनमें चार को आसानी से बाहर निकाल लिया गया, लेकिन एक कर्मचारी करीब एक घंटे तक सीट पर ही फंसा रहा। बाद में कटर, क्रेन और जेसीबी की मदद से बस को काटकर उसे बाहर निकाला जा सका। घायलों में दो की हालत गंभीर बनी हुई है। एक घायल को सेक्टर-6 जनरल अस्पताल पंचकूला से पीजीआई रेफर कर दिया गया। इस घटना के बाद हाईवे पर करीब डेढ़ घंटे तक जाम लगा रहा और दुर्घटनाग्रस्त बसों को मौके से हटाने के बाद यातायात संचालन शुरू हो सका।
...और चारों बसें एक-दूसरे से टकरा गईं
इस दौरान रामपुर सयुड़ी के पास लोहार घाटी से पंचकूला की ओर जाते समय सबसे आगे जा रही बस अचानक रुक गई, जिससे पीछे आ रहीं तीन बसों के चालकों को भी ब्रेक लगाना पड़ा और चारों बसें एक-दूसरे से टकरा गईं। इसमें 16 लोग घायल हो गए। उन्हें सेक्टर-छह पंचकूला स्थित जनरल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से रजत को पीजीआई रेफर कर दिया गया, जबकि अन्य गंभीर रूप से घायल बंसी राम के साथ-साथ 10 घायलों का यहीं इलाज चल रहा है और 5 घायलों को प्राथमिक उपचार देने के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। इस घटना में ड्राइवर विजयपाल यादव और उसका लड़का आदित्य कुमार यादव भी घायल हो गया।
लहूलुहान होकर बस में ही तड़पता रहा रजत
एचएमटी के ट्रैक्टर डिवीजन के स्टोर में कार्यरत रजत राणा घायल होने के बाद बस में करीब एक घंटा तड़पता रहा। वह पिछली सीट पर बैठा था और बसों में टक्कर होने के बाद वह जख्मी होकर सीटों के बीच ही फंस गया। काफी प्रयास के बाद भी लोग जब उसे नहीं निकाल सके तो क्रेन और कटर की मदद से करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद उसे निकाला जा सका। उसकी टांग बुरी तरह जख्मी हो गई। उसे पंचकूला जनरल अस्पताल से पीजीआई रेफर कर दिया गया।