हरियाणा सरकार ने दी मंजूरी, नियमित शिक्षकों की जांच की मंजूरी अभी लंबित
चंडीगढ़। राज्य के सरकारी कॉलेजों में संविदा पर सेवा दे रहे शिक्षकों की पीएचडी डिग्री की जांच अब भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) करेगी। हरियाणा सरकार ने इसकी जांच की मंजूरी दे दी है। एसीबी उनकी डिग्रियों को यूजीसी के मानकों के आधार पर जांच करेगी। नियमित सहायक व एसोसिएट प्रोफेसरों की पीएचडी डिग्री की जांच कराने का प्रस्ताव सरकार के पास आया था। फिलहाल सरकार ने अभी उसकी मंजूरी नहीं दी है।
उल्लेखनीय है कि एसीबी को जांच देने से पहले उच्च शिक्षा विभाग ने कांट्रैक्ट के साथ नियमित सहायक व एसोसिएट प्रोफेसरों की डिग्री जांचने के लिए समिति गठित की थी। समिति ने उन सभी की डिग्रियों की जांच की, जिन्होंने सेवा में रहते हुए अपनी डिग्री हासिल की थी। मगर समिति किसी भी नतीजे पर नहीं पहुंच पाई। दरअसल उनके पास न तो अधिकार थे और न ही संसाधन। कई लोगों ने अपनी डिग्रियां प्रदेश से बाहर निजी विश्वविद्यालयों से हासिल की थी। हालांकि इस दौरान उनके हाथ कुछ ऐसा जरूर लगा, जिससे कई पहलुओं पर विश्वविद्यालयों से सत्यापन या प्रमाणीकरण की आवश्यकता है। समितियों ने पाया कि कुछ ने लॉकडाउन के दौरान अपनी पीएचडी की डिग्री हासिल की। वहीं, कुछ ऐसे थे, जिन्होंने 180 घंटे का अपना कोर्स दो सप्ताह में पूरा किया। इससे संदेह पैदा होता है। उसके बाद उच्च शिक्षा के अधिकारियों ने इस मामले की जांच किसी एजेंसी से कराने का आग्रह किया। उसके बाद सरकार ने कानूनी राय भी ली। कानूनी राय के दौरान सरकार को सलाह दी कि इस मामले की जांच एसीबी से करवाई जा सकती है। उसके बाद सरकार ने एसीबी से जांच कराने की मंजूरी दी। एसीबी जल्द ही इस बारे में उच्च शिक्षा विभाग से संपर्क करेगी और मामले की जांच आगे बढ़ाएगी। एसीबी की जांच के कई पहलू होंगे। इनमें मुख्य रूप से यह देखा जाएगा कि उन्होंने किस विश्वविद्यालय से डिग्री हासिल की है। पीएचडी के शोध पत्र, पीएचडी के दौरान पोस्टिंग रजिस्ट्रेशन व अन्य पहलू शामिल होंगे।