सरकारी नौकरी पाने की उम्मीद में जालंधर से आई नेहा के अरमान चंद मिनटों की देरी ने चकनाचूर कर दिए।
कई महीने से वह दिन रात फूड एंड सप्लाई इंस्पेक्टर की तैयारी में जुटी थी। कई हजार खर्च कर अच्छे कोचिंग सेंटर से कोचिंग भी ली। लेकिन एग्जाम सेंटर पर समय पर न पहुंच पाने के कारण सब बेकार हो गया।
सेक्टर-11 स्थित जीसीजी कालेज के बाहर खड़ी नेहा रो रही थी। काफी मिन्नतें करने के बाद भी कालेज प्रबंधकों ने उसे परीक्षा केंद्र के अंदर घुसने नहीं दिया।
ऐसा सिर्फ नेहा के साथ ही नहीं हुआ बल्कि पंजाब से फूड एंड सप्लाई इंस्पेक्टर का पेपर देने आए सैकड़ों युवाओं के साथ हुआ।
पंजाब के फूड एंड सप्लाई इंस्पेक्टर के 400 से अधिक पदों की परीक्षा के लिए 1 लाख 80 हजार अभ्यार्थियों ने आवेदन किया था। ट्राइसिटी में 150 से अधिक एग्जाम सेंटर बनाए गए थे। इसके कारण कालेज और स्कूलों के बाहर जाम लग गया।
जमकर हुई तू-तू मैं-मैं :
- एग्जाम सेंटर पर चंद मिनटों की देरी के बाद जब विद्यार्थियों को एंट्री नहीं दी तो कई सेंटर पर जमकर तू-तू मैं-मैं हुई।
- सेक्टर-11 स्थित जीसीजी और जीसी-11 में सुबह और दोपहर बाद के सत्र में करीब 25 को देरी से आने पर सेंटर के अंदर एंट्री नहीं दी गई।
- जालंधर से जीसीजी-11 में पहुंचे बलदेव सिंह ने बताया कि वह 10.20 पर पहुंचा लेकिन उसे एंट्री नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि रोपड़ और खरड़ के बीच जाम के कारण उन्हें आने में देरी हो गई।
- गोबिंदगढ़ से आए चेतन जैन ने बताया कि खरड़ के पास जाम इतना अधिक था कि 200 रुपये प्रति सवारी देकर काफी युवा परीक्षा केंद्र पहुंचे, लेकिन उन्हें सेंटर में एंट्री नहीं दी गई।
- मोहाली फेज-6 से सेक्टर-30 गुरु नानक पब्लिक स्कूल में पहुंचे गौरव सैनी ने बताया कि सेंटर पर पहुंचने में 2 घंटे लग गए। लेट पहुंचने पर उनकी बहन परीक्षा नहीं दे पाई।
- सेक्टर-27 भवन विद्यालय में 2.15 बजे पहुंचे मानसा निवासी हरजिंद्र सिंह ने बताया कि ट्रैफिक अधिक होने के कारण वह 15 मिनट लेट पहुंचे, लेकिन उन्हें एंट्री नहीं दी गई। जबकि बाकी सेंटर में अनुमति दे दी।