एमबीए, इंजीनियरिंग और उच्च शैक्षणिक योग्यता हासिल करने के बाद भी युवा लेखन और साहित्य के क्षेत्र में लगातार पदार्पण करे हैं।
खास बात यह है कि पढ़ाई के दौरान भी युवाओं ने लेखन प्रतिभाएं साबित कर वहां भी नाम रोशन किया। अपने पेशे के साथ-साथ या इसे छोड़कर भी अपनी भावनाओं को किताबों के पन्नों में समेटा है।
यह साहित्य के लिए अच्छा संकेत हैं। सतलुज पब्लिक स्कूल में क्षेत्र में एक खास तरह का लिट फेस्ट-2013 का आयोजन किया गया।
इस मौके पर देश के अलग अलग शहरों से लेखकों ने अपने विचार एक दूसरे से साझा किए। युवा लेखकों की आम राय यही रही कि लेखन के लिए जरूरी है कि खुद के अंदर तमाम अनुभवों का विश्लेषण कर, उसे शब्दों में पिरो सकें।
किताबों में बौद्धिक झलक पूरी तरह दिख जाती है। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए पद्मश्री सरदार अंजुम के मुताबिक खुद की जिंदगी को पहचाने, रास्ता खुद ब खुद मिल जाएगा।
अधिकतर युवा लेखकों की कहानियां या उपन्यास खुद या खुद के साथ जुड़ी घटनाओं से मिली सीख पर आधारित हैं।
बचपन से कलाकार बनने की चाहत होने के बावजूद इंजीनियरिंग और एमबीए की पढ़ाई की, और देश के अच्छे युवा लेखकों में नाम शुमार किया।
एक अच्छा लेखक बनने के लिए जरूरी है कि अधिक से अधिक पढ़ें और अपने साथ होने वाले अनुभवों का विशेष्ण करें। सर्किल ऑफ थ्री... के अलावा चार किताबें लिख चुके हैं।
-रोहित गोर
दिल्ली कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से पढ़ाई के बाद एमडीआई गुड़गांव से एमबीए की। आई एम नॉट ट्वेंटी फोर, इट्स फर्स्ट लव... सहित कई बेस्टसेलर लिखीं। ब्लॉग से लेखन की शुरुआत करने के बाद लेखन के लिए बढ़ रुझान के बाद उन्हें एक नया मुकाम मिला। युवाओं में लेखन के लिए जज्बा होना चाहिए, फिर हर कुछ संभव है।
-सचिन गर्ग
हायर एजुकेशन के बाद मुंबई में ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट का संचालन की। ट्रूली, मैडली डीपली में रोमांटिक अंदाज में पेश किया, जिसे कई पुरस्कार मिले। काजी फिल्मों के लिए सहयोग करते हैं और लेखन, उनका पहला प्यार है।
-फराज काजी
लंदन में कुछ दिनों की पढ़ाई के बाद देश लौटे। हायर एजुकेशन हासिल करने के बाद इंश्योरेंस, मीडिया सहित कई इंडस्ट्री में बेहतरीन कार्य करने के बाद लेखन की ओर रुख किया। 17 कहानियों का संकलन ‘इमपल्स’ को रविवार को फेस्ट के दौरान लांच किया गया।
-रीकृत सराय