हरियाणा के ऐलनाबाद से विधायक और वरिष्ठ इनेलो नेता अभय सिंह चौटाला को पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने पूर्व आईपीएस अधिकारी पीवी राठी द्वारा दायर मानहानि मामले में गुरुग्राम की अदालत से जारी समन को रद्द कर दिया है।
याचिका में चौटाला ने 17 अप्रैल, 2010 को गुरुग्राम न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी द्वारा पारित समन आदेशों को रद्द करने के निर्देश देने की मांग की थी। उनका मुख्य तर्क यह है कि उन्होंने गुरुग्राम अदालत के क्षेत्रीय अधिकार क्षेत्र के भीतर कोई अपराध नहीं किया है।
याचिका पर अपना फैसला सुनाते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि शिकायतकर्ता के प्रारंभिक साक्ष्य यह स्थापित करने में विफल रहे कि चौटाला का 18 जून 2008 को मंडी डबवाली से दिया गया बयान किसी दुर्भावना के तहत दिया गया था। साथ ही शिकायतकर्ता ने जो शिकायत सौंपी थी, उसमें भी किसी भी परोक्ष मकसद, दुर्भावना, दुर्भावनापूर्ण इरादे या उसे बदनाम करने के इरादे को नहीं बताया गया।
ऐसे में कानून की प्रक्रिया के दुरुपयोग को रोकने के लिए एक उपयुक्त मामला है क्योंकि शिकायत में लगाए गए आरोप और प्रारंभिक साक्ष्य यह इंगित नहीं करते हैं कि याचिकाकर्ता द्वारा कथित तौर पर दिए गए सार्वजनिक बयान किसी दुर्भावनापूर्ण इरादे से दिए गए थे। अगर इस मामले में हाईकोर्ट ने दखल नहीं दिया तो यह न्याय की हत्या के समान होगा।