पंजाब आप के मुख्य प्रवक्ता मलविंदर सिंह कंग।
- फोटो : अमर उजाला
सतलुज-यमुना लिंक नहर (एसवाईएल) पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद आम आदमी पार्टी (आप) ने इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा है कि एसवाईएल पर पंजाब सरकार का रुख स्पष्ट है और पंजाब एक बूंद भी अतिरिक्त पानी दूसरे राज्यों को देने की स्थिति में नहीं है।
बुधवार को पंजाब आप के मुख्य प्रवक्ता मलविंदर सिंह कंग ने कहा कि 50 साल पहले पंजाब में जो पानी की स्थिति थी, अब वह नहीं है। आज पंजाब खुद पानी की समस्याओं से जूझ रहा है। पिछले दिनों नॉर्थ जोन काउंसिल की बैठक में भी मुख्यमंत्री ने यह बात कही थी कि पंजाब दूसरे राज्यों को अतिरिक्त पानी नहीं दे सकता।
मलविंदर कंग ने मांग की है कि एसवाईएल और पंजाब में पानी की स्थिति को जानने के लिए एक ट्रिब्यूनल का गठन किया जाए। एसवाईएल के लिए जो जमीन नोटिफाई हुई थी, अब वह भी डिनोटिफाई हो चुकी है। अब उसे फिर से नोटिफाई करने में कई तरह की समस्याएं पैदा होंगी, इसलिए अब एसवाईएल बनाना संभव नहीं है। अब न हमारे पास अतिरिक्त पानी है और न ही अतिरिक्त जमीन। यह बात हम कानूनी ढंग से कोर्ट के सामने भी रखेंगे और केंद्र सरकार के समक्ष भी उठाएंगे।
एसवाईएल के मुद्दे पर कंग ने अकाली दल और बादल परिवार को घेरते हुए कहा कि सबसे पहले प्रकाश सिंह बादल की सरकार ने ही एसवाईएल के लिए जमीन नोटिफाई की थी। उन्होंने हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी देवीलाल से व्यक्तिगत संबंध के कारण पंजाब के हितों की कुर्बानी दी और उस संबंध का फायदा उठाकर हरियाणा के गुरुग्राम समेत कई अन्य जगहों पर बड़ी-बड़ी संपत्तियां अर्जित की। जगतार सिंह की किताब ‘रिवर्स ऑन फायर’ में इसका उल्लेख है।