भगवंत मान को गले लगाते अरविंद केजरीवाल।
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आम आदमी पार्टी ने सांसद भगवंत मान को मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित कर पंजाब में बड़ा सियासी दांव खेला है। सांसद भगवंत मान, जट्ट सिख बिरादरी से हैं। करीब 90 फीसदी जट्ट सिख सीधे तौर पर खेती से जुडे़ हैं। किसान आंदोलन की वजह से इस बार जट्ट सिख बिरादरी का वोट बैंक सबसे अहम है।
ऐसे में पार्टी की नजर पंजाब के करीब 34 फीसदी वाले इस वोट बैंक पर है। जानकारों का मानना है कि आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस के अनुसूचित जाति के मुख्यमंत्री की काट अपने इस कदम से करने की रणनीति बनाई है। इसके अलावा सांसद मान मालवा इलाके से आते हैं और मालवा में सबसे ज्यादा 69 सीटें हैं।
पार्टी को उम्मीद है कि इस फैसले का साकारात्मक असर पूरे मालवा पर पडे़गा। आप का सीएम उम्मीदवार पंजाबी होने पर लगातार संशय था, विरोधी दलों की ओर से सवाल उठाए जा रहे थे। वर्तमान मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी तो कई बार कह चुके हैं कि पंजाब पर बाहरी नहीं बल्कि पंजाबी राज करेंगे।
अकाली दल सवाल उठा रहा था कि पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल की नजर पंजाब की सीएम कुर्सी पर हैं लेकिन पार्टी ने मान को सीएम उम्मीदवार घोषित कर विरोधी दलों का मुंह बंद कर दिया है। सांसद मान की कई व्यक्तिगत कमजोरियों की वजह से लगने वाले आरोपों से बचने के लिए पार्टी ने जनता से पूछकर उन्हें सीएम उम्मीदवार घोषित किया है।
सतौज में बड़ी एलईडी पर सीधा प्रसारण
सांसद मान के गांव सतौज में बड़ी एलईडी पर केजरीवाल के संबोधन का सीधा प्रसारण देखा गया। इस दौरान सांसद भगवंत मान और उनकी माता हरपाल कौर भावुक हो गए। जिसे देख गांववासी अपने आंसू रोक नहीं पाए। इस दौरान लोगों ने जमकर भंगड़ा डाला और मिठाई बांटी। संगरूर ने अब तक पंजाब को दो मुख्यमंत्री दिए हैं। सुरजीत सिंह बरनाला के अलावा राजिंदर कौर भट्ठल मुख्यमंत्री रह चुकी हैं। पंजाब से पहले जब पेप्सू स्टेट थी तब इसी जिले के बाबू बृशभान मुख्यमंत्री रह चुके हैं।