फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

SYL विवाद की भेंट चढ़ा केजरीवाल का पंजाब दौरा, अब कब आएंगे?

Sun, 13 Nov 2016 07:08 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
लुधियाना में अरविंद केजरीवाल ने जारी किया इंडस्ट्री मेनिफेस्टो
विज्ञापन
'आप' के नेशनल कन्वीनर और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का पंजाब दौरा एसवाईएल की भेंट चढ़ गया। जानकारी के मुताबिक, आप ने 15 नवंबर को बंगा के पास एक समागम रखा था। जिसमें केजरीवाल ने पार्टी का दलित मेनिफेस्टो रिलीज करना था।
विज्ञापन


समागम में पूरे पंजाब से दलित वर्ग के प्रतिनिधियों को जुटाने की तैयारी की गई थी। लेकिन एकाएक केजरीवाल का पंजाब दौरा रद कर दिया गया। पार्टी की ओर से अधिकारिक तौर पर कहा जा रहा है कि नोट बंदी के चलते दिल्ली में मची अफरा-तफरी के कारण केजरीवाल के सभी कार्यक्त्रस्म रद कर दिए गए हैं।

जिनमें पंजाब में दलित मेनिफेस्टो और गोवा में यूथ मेनिफेस्टो रिलीज करने के कार्यक्रम भी शामिल हैं। लेकिन सियासी हलकों में दौरा रद होने को दूसरे ही तरह से देखा जा रहा है।
विज्ञापन


इस समय पंजाब की सियासत में एसवाईएल सबसे बड़ा मुद्दा है। लेकिन एसवाईएल पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला पंजाब के खिलाफ आने के बाद अब तक केजरीवाल ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है। आप ने जरूर गांव कपूरी में धरना लगाया है। लेकिन केजरीवाल की चुप्पी के सियासी हलकों में दूसरे ही मायने निकाले जा रहे हैं।
विज्ञापन

बीच में फंसे हैं केजरीवाल, इसलिए साध रखी है चुप्पी

लुधियाना में अरविंद केजरीवाल ने जारी किया इंडस्ट्री मेनिफेस्टो
केजरीवाल खुद हरियाणा से हैं और इस समय वह दिल्ली के सीएम हैं। पानी के विवाद में पंजाब एक पक्ष है और हरियाणा व दिल्ली दूसरे पक्ष हैं। अगर केजरीवाल पंजाब के पक्ष में बयान देते हैं तो दिल्ली के लोग उनके खिलाफ हो सकते हैं।

अगर वह खुल कर हरियाणा और दिल्ली का पक्ष लेते हैं तो पंजाब में उनकी पार्टी की चुनावी संभावनाएं धूमिल हो सकती हैं। क्योंकि पंजाब के लोगों के लिए पानी का मुद्दा बहुत महत्वपूर्ण है। इसलिए उन्होंने फिलहाल इस मुद्दे पर चुप्पी साध ली है।

अब 21 को आएंगे आप सुप्रीमो
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय कन्वीनर अब 21 नवंबर को पंजाब आएंगे। इस बार उनका दौरा काफी लंबा, करीब दस दिनों का होगा। हालांकि अभी दौरे का कार्यक्रम पूरी तरह फाइनल नहीं हुआ है। लेकिन पंजाब इकाई ने उनकी विधानसभा हलका-वार रैलियां करने की योजना बनाई हैं।

इनमें तीन हलकों की एक साथ रैलियां भी संभव हैं। पार्टी की कोशिश है कि सूबे का ज्यादा से ज्यादा हिस्सा कवर किया जा सके। इसी बीच वह एक दिन दलित मेनिफेस्टो भी रिलीज करेंगे।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें