आम आदमी पार्टी के सांसद संजीव अरोड़ा ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) में पंजाब को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया है। अरोड़ा ने राज्यसभा में इस मामले को उठाया और कहा कि मनरेगा के तहत पंजाब में कम मजबूरी दर तय की गई है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की तरफ से इस योजना के तहत हरियाणा के लिए मजदूरी दर जहां 357 रुपये तय की गई है। वहीं पंजाब में केंद्र ने मजदूरी दर सिर्फ 303 रुपये तय की है।
उन्होंने कहा कि दूसरी तरफ पंजाब सरकार ने न्यूनतम मजदूरी दर 413 रुपये तय की। यह केंद्र सरकार की तय मजदूरी से अधिक है। उन्होंने इस मामले पर ध्यान देने पर जोर दिया। अरोड़ा ने कहा कि पंजाब के लिए केंद्र को अधिक मजदूरी दर तय करना चाहिए। बाकी राज्यों में भी मजूदरी को बढ़ाया जाना चाहिए, जहां पहले से ही कम है। इसे पड़ोसी राज्यों के बराबर किया जाना चाहिए। तब जाकर लोग इस योजना के अंतर्गत काम करेंगे।