आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने आखिरकार भारतीय जनता पार्टी को टोपी पहना ही डाली।
आम आदमी पार्टी की टोपी का कमाल है कि सिटी में भारतीय जनता पार्टी के प्रचारकों ने करीब 50 हजार टोपियां अपने कार्यकर्ताओं में बांट डाली।
यह टोपियां सिटी में नहीं बल्कि नई दिल्ली से खास आर्डर पर बनवाई गई हैं। इनका स्टाइल तो ‘आप’ का है, लेकिन रंग भारतीय जनता पार्टी का केसरिया है।
आम आदमी पार्टी की टोपी का रंग सफेद है तो वहीं भाजपा की टोपी का रंग केसरिया। भारतीय जनता पार्टी और आम आदमी पार्टी की टोपियों में कामन है टोपी का स्टाइल और मैटेरियल।
इन दोनों में अलग है तो दोनों ही पार्टियों के नारे। आम आदमी पार्टी की टोपी पर लिखा है ‘मैं हूं आम आदमी, मुझे चाहिए स्वराज’ तो वहीं भाजपा की टोपी में लिखा है ‘मोदी फार पीएम और बीजेपी ही विकल्प’।
बापू की टोपी को भूले सब
स्वदेशी की परिचायक गांधी टोपी को पहनकर चलना एक वक्त पर हर कोई अपनी शान समझता था।
भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के समय बापू की शान बनी यह टोपी देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने धारण की। इंडियन नेशनल कांग्रेस के नेताओं ने इसी परंपरा को आगे बढ़ाया।
ऐसी ही काले रंग की टोपियों को राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और हिंदू महासभा ने अपनाया। नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने भी खाकी रंग की कैप को पहचान बनाया। देश के प्रधानमंत्री बने मोरारजी देसाई, लाल बहादुर शास्त्री ने भी यह टोपी पहनी।