-भाजपा व कांग्रेस को छोड़ शिअद समेत 12 उम्मीदवार जमानत भी नहीं बचा पाए
-58 प्रतिशत वोट लेकर आप सबसे आगे, भाजपा के शीतल अंगुराल दूसरे नंबर पर रहे
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अमर उजाला ब्यूरो
जालंधर। जालंधर वेस्ट विधानसभा सीट पर उपचुनाव में आम आदमी पार्टी (आप) ने 37,325 मतों के अंतर से एकतरफा जीत हासिल की है। यहां आप के मोहिंदरपाल भगत को 55,246 वोट, जबकि निकटतम प्रतिद्वंद्वी शीतल अंगुराल को 17,921 वोट मिले। तीसरे स्थान पर रहीं कांग्रेस की उम्मीदवार सुरिंदर कौर को 16,757 वोट मिले। यह जीत पंजाब की सत्तारूढ़ पार्टी के लिए लोकसभा चुनाव के कमजोर प्रदर्शन के बाद बड़ी राहत लेकर आई है। बता दें कि यह सीट शीतल अंगुराल के भाजपा में जाने और वेस्ट सीट से इस्तीफा देने के कारण खाली हुई थी। मोहिंदर भगत ने कहा कि यह जनता की जीत है। सीएम मान ने जो वादे किए हैं, उनको पूरा किया जाएगा। वहीं, सीएम भगवंत मान ने कहा कि जालंधर वेस्ट को बेस्ट बनाएंगे।
उपचुनाव में मोहिंदरपाल भगत को 58.39 प्रतिशत, शीतल अंगुराल को 18.94 व कांग्रेस की सुरिंदर कौर को 17.71 प्रतिशत वोट मिले हैं। शिरोमणि अकाली दल की सुरजीत कौर को 1.31 फीसदी वोट ही मिल पाए। वेस्ट सीट पर हुए उपचुनाव में कुल 54.90 प्रतिशत मतदान हुआ था। कम मतदान को हर कोई अपना फायदा बता रहा था। उपचुनाव में 15 उम्मीदवार अपना भाग्य आजमा रहे थे, जिनमें से भाजपा व कांग्रेस के उम्मीदवारों को छोड़कर शिअद समेत शेष 12 अपनी जमानता भी नहीं बचा पाए। 2012 में इस सीट पर भाजपा जीती थी, तो 2017 में कांग्रेस के उम्मीदवार रिंकू ने जीत दर्ज की थी। फिर 2022 के चुनावों में आम आदमी पार्टी जीती थी। इस जीत के साथ ही 117 सदस्यीय पंजाब विधानसभा में आप के पास अब 91 विधायक हो गए हैं, जबकि कांग्रेस के पास 15, शिअद के तीन, भाजपा के दो, बसपा के एक और एक निर्दलीय विधायक हैं।
किस पार्टी के उम्मीदवार को मिले कितने वोट
पार्टी
उम्मीदवार
कुल वोट
प्रतिशत
आप
मोहिंदर भगत
55,246 58.39
भाजपा शीतल अंगुराल 17,921
18.94
कांग्रेस
सुरिंदर कौर
16,757
17.71
शिअद सुरजीत कौर
1,242 1.31
बसपा बिंदर लेखा
734
0.78
राजनीतिक दलों के जीत-हार के कारण
आप
-मुख्यमंत्री भगवंत मान का खुद चुनाव प्रचार में उतरना और जालंधर में ही घर लेकर रहना।
-भगत बिरादरी के वोट ज्यादा होने पर मोहिंदर भगत को टिकट देना।
-उपचुनाव में सीएम की पत्नी गुरप्रीत कौर की ओर से खुद प्रचार की कमान संभालना।
-सीएम की ओर से भगत को मंत्री बनाने की घोषणा करना और आप के संगठन का जमीनी स्तर पर काम करना।
भाजपा
-उपचुनाव के प्रचार के लिए दिल्ली से किसी भी बड़े मंत्री या नेता का प्रचार के लिए नहीं आना।
-पार्टी के संगठन के कई नेताओं के किनारा करते हुए आम आदमी पार्टी में चले जाना।
-पार्टी के कई सीनियर नेताओं का भितरघात और आप के साथ मिले होना।
-सीएम मान के बराबर स्टेज पर बोलने वाले नेता की कमी और शीतल अंगुराल के खिलाफ लोगों की नाराजगी।
कांग्रेस
-कांग्रेस की उम्मीदवार सुरिंदर कौर शुरू से ही कमजोर मानी जाती रहीं।
-सीनियर डिप्टी मेयर के पद पर रहते हुए वेस्ट हलके में विकास न करवा पाना।
-कांग्रेस में एकजुटता की कमी व संगठन में बिखराव भी बड़ा कारण रहा।
-कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का उपचुनाव से किनारा व कई नेताओं का दलबदल लेना।
कोट
उपचुनाव में आम आदमी पार्टी की शानदार जीत पर सभी को बधाई। बड़ी बढ़त के साथ जीत दर्शाती है कि प्रदेश में लोग हमारी सरकार के काम से खुश हैं। उपचुनाव में किए वादे के मुताबिक हम जालंधर वेस्ट को सबसे अच्छा हलका बनाने के लिए काम करेंगे। जीत के लिए मोहिंदर भगत को बधाई।
-भगवंत मान, मुख्यमंत्री, पंजाब।