आम आदमी पार्टी, बगावत करके सुखपाल खैरा के साथ गए चार विधायकों को वापस लाएगी। जल्द ही चारों विधायकों को मनाने की कवायद शुरू की जाएगी। सुखपाल खैरा ने आप से बगावत कर कुछ माह पहले पंजाबी एकता पार्टी बनाई थी। इसके टिकट पर खैरा ने बठिंडा और मास्टर बलदेव ने फरीदकोट से लोकसभा चुनाव भी लड़ा था।
दोनों ने अपने इस्तीफे पार्टी हाईकमान और विधानसभा स्पीकर को भेज दिए थे। लेकिन इनके साथ गए चार अन्य विधायकों कंवर संधू, जगतार सिंह जग्गा, जगदेव कमालू और पिरमल सिंह खालसा ने अब तक खुल कर खैरा की पार्टी ज्वाइन नहीं की है। आप हाईकमान और प्रदेश नेतृत्व इन चारों को मना कर वापस पार्टी में लाना चाहता है।
क्योंकि अगर ये भी खुल कर पार्टी छोड़ते हैं तो आप के नेता प्रतिपक्ष पद पर संकट आ सकता है। आप ने विधानसभा चुनाव में बीस सीटें जीत कर शिअद-भाजपा से नेता प्रतिपक्ष पद छीन लिया था। हालांकि उसके बाद से पार्टी के विधायकों की संख्या कम ही हो रही है। पहले एचएस फूलका ने पार्टी छोड़ दी।
फिर खैरा और मास्टर बलदेव ने इस्तीफा दे दिया। पिछले दिनों दो विधायकों नाजर सिंह मानशाइयां और अमरजीत संदोआ ने कांग्रेस ज्वाइन कर ली थी। इस तरह आप केपास अब सिर्फ 11 विधायक ही हैं। अगर खैरा गुट के साथ गए चारों विधायक लौटते हैं तो पार्टी के 15 विधायक हो जाएंगे।