डीएपी की कमी को लेकर आम आदमी पार्टी विधानसभा सत्र के दूसरे दिन सड़कों पर उतर आई। विरोध में पार्टी विधायकों ने पैदल मार्च निकाल कर प्रदर्शन के साथ ही सदन का बहिष्कार किया। नेता प्रतिपक्ष हरपाल सिंह चीमा ने सूबे में डीएपी की कमी के लिए मोदी और चन्नी सरकार को जिम्मेदार ठहराया। चीमा ने कहा कि पंजाब सरकार की नाकामी के कारण पंजाब के किसानों को खाद नहीं मिल पाई।
सत्र शुरू होने से पहले नेता प्रतिपक्ष हरपाल सिंह चीमा की अगुवाई में चंडीगढ़ के सेक्टर-4 स्थित एमएलए हॉस्टल में बैठक के बाद आप विधायकों ने पैदल ही विधानसभा की ओर कूच किया। पैदल मार्च में कुलतार सिंह संधवां, विरोधी दल की उप-नेता सरबजीत कौर माणुके, अमन अरोड़ा, मीत हेयर, प्रिंसिपल बुद्ध राम, कुलवंत सिंह पंडोरी, मनजीत सिंह बिलासपुर, जै सिंह रोड़ी और अमरजीत सिंह संदोआ मुख्य रूप से शामिल रहे।
पत्रकारों से वार्ता के दौरान चीमा ने कहा कि जब केंद्र की सरकार पंजाब और पंजाब के किसानों से बदले की भावना के साथ खुलेआम रंजिश निकाल रही है तो चन्नी सरकार क्या कर रही है। चीमा ने कहा कि केंद्र की ज्यादतियों के सामने घुटने टेक कर पंजाब और पंजाब के किसानों के हितों की सुरक्षा नहीं की जा सकती। इसलिए पंजाब को एक मजबूत और स्थिर सरकार की जरूरत है, जो केवल आम आदमी पार्टी ही हो सकती है।
कुलतार सिंह संधवा और अमन अरोड़ा ने कहा कि आज गेहूं की बुवाई का समय शिखर पर है लेकिन प्रदेश की सहकारी सभाओं और प्राइवेट डीलरों को अभी तक 40-42 प्रतिशत ही डीएपी की सप्लाई प्राप्त हुई है। आप विधायकों ने आरोप लगाया कि केंद्र की मोदी सरकार पंजाब के किसानों को परेशान करने के लिए पंजाब को डीएपी खाद की सप्लाई में जानबूझ कर रूकावटें डाल रही है, जबकि पड़ोसी प्रदेशों, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में पंजाब के मुकाबले दोगुनी-चौगुनी सप्लाई की जा रही है लेकिन इतना धक्का होने के बावजूद चन्नी सरकार हाथ पर हाथ रखकर बैठी है, इस कारण प्रदेश के किसानों में भारी निराशा है।
अकाली भी रहे उग्र, विधानसभा के बाहर प्रदर्शन
विधानसभा के विशेष सत्र के दूसरे दिन अकालियों के तेवर भी तल्ख रहे। सदन के बाहर और भीतर कई मुद्दों को लेकर अकाली विधायकों ने विरोध किया। सदन की कार्रवाई से पहले पार्टी विधायकों ने विधानसभा के बाहर प्रदर्शन किया। सदन के भीतर ड्रग्स को लेकर सिद्धू और चन्नी से मजीठिया और अकाली विधायकों की तीखी बहस हुई।
प्रदर्शन के दौरान पूर्व मंत्री और अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा कि पंजाब की सरकार की नाकामी के कारण ही राज्य में बीएसएफ का दायरा केंद्र ने बढ़ाया है। मुख्यमंत्री चन्नी भी कैप्टन की तरह केंद्र के बताए फार्मूले पर ही काम कर रहे हैं।