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पंजाब में बिजली संकट पर सियासत: आम आदमी पार्टी ने घेरा सीएम का फार्महाउस, बैरिकेड तोड़े, पुलिस ने की पानी की बौछार

Sat, 03 Jul 2021 12:17 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

पंजाब में गर्मी और धान सीजन में बिजली संकट गहराता जा रहा है। आमजन और किसान इससे काफी परेशान हैं। शुक्रवार दोपहर को रोपड़ थर्मल प्लांट का एक यूनिट तकनीकी खराबी के चलते बंद पड़ने से यह संकट और गहरा गया। तमाम पाबंदियों के बावजूद प्रदेश में बिजली की मांग 13500 मेगावाट रही, जिसे पावरकॉम के पूरा न कर पाने कारण कई जगहों पर लोगों को कटों का सामना करना पड़ा। वहीं किसानों को भी दिन में मुश्किल से दो से तीन घंटे ही बिजली मिली। 
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सिसवां में प्रदर्शन करते आप कार्यकर्ताओं को रोकते पुलिसकर्मी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पंजाब भर में बिजली संकट के खिलाफ शनिवार को आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रधान व सांसद भगवंत मान के नेतृत्व में सिसवां स्थित मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के आवास का घेराव करने जा रहे सैकड़ों कार्यकर्ताओं को पुलिस ने बीच रास्ते में ही रोक लिया। इस दौरान हुई झड़प के बीच पुलिस ने बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ते वर्करों को रोकने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। पुलिस ने सांसद भगवंत मान और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष हरपाल सिंह चीमा समेत पार्टी के कई नेताओं को हिरासत में ले लिया। देर शाम इनको रिहा कर दिया गया।

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आप पंजाब द्वारा बिजली संकट से जूझ रहे लोगों की आवाज मुख्यमंत्री तक पहुंचाने के लिए शनिवार को सिसवां फार्म हाउस के घेराव का एलान किया गया था। पार्टी का कहना था कि इस दौरान यह भी चेक किया जाएगा कि मौजूदा संकट में बिजली विभाग ने सिसवां फार्म हाउस में कितने कट लगाए क्योंकि आम लोगों को रात-रात भर बिना बिजली के जागकर गुजारनी पड़ रही है। बिजली न होने के कारण पानी भी नहीं मिल रहा। 

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मुख्यमंत्री को पंजाब के पौने तीन करोड़ लोगों का दर्द सुनाने आए हैं

तय कार्यक्रम के अनुसार भगवंत मान के नेतृत्व में आप वर्कर और नेता सिसवां फार्म हाउस के घेराव के लिए निकले। पार्टी ने सिसवां मार्ग पर एक बड़ी रोष रैली भी की। इसमें भगवंत मान ने कहा कि महलों में सो रहे मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को हम पंजाब के पौने तीन करोड़ लोगों का दर्द सुनाने आए हैं। पंजाब के लोग देश भर में सबसे महंगी बिजली खरीद रहे हैं, फिर भी उन्हें बिजली नहीं मिल रही है। 

उन्होंने कहा कि लोगों को भीषण गर्मी में अपने घरों से निकलकर और ग्रामीणों को धान की बुवाई छोड़कर सड़कों पर धरने देने पड़ रहे हैं। अकालियों और कांग्रेसियों की मिलीभगत के बुरे नतीजे पंजाबवासी भुगत रहे हैं, क्योंकि अकालियों के समय बादल परिवार ने निजी बिजली कंपनियों के साथ पंजाब विरोधी समझौते किए थे और कांग्रेस सरकार ने यह घातक समझौते लागू किए हुए हैं। 

इस मौके पर सरवजीत कौर माणूंके, प्रिंसिपल बुद्धराम, मीत हेयर, प्रो. बलजिंदर कौर, कुलवंत सिंह पंडोरी, रुपिंदर कौर रूबी, मास्टर बलदेव सिंह, मनजीत सिंह बिलासपुर (सभी विधायक), आप के सूबा महासचिव हरचंद सिंह बरसट, सचिव गगनदीप सिंह चड्ढा, खजांची नीना मित्तल, मनविंदर सिंह ग्यासपूरा समेत सीनियर नेता उपस्थित थे। इस रैली के बाद जैसे ही आप वर्कर और नेता सिसवां की ओर बढ़े, पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। इस दौरान वर्करों ने बैरिकेडिंग तोड़ दी, जिसके बाद पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।

सूबे का सरकारी खजाना निजी बिजली कंपनियों को लुटवाया जा रहा : चीमा 
नेता प्रतिपक्ष हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि घातक समझौतों के कारण सूबे का सरकारी खजाना निजी बिजली कंपनियों को लुटवाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कैप्टन ने न तो चुनावी वादे पूरे किए हैं और न ही माफिया राज खत्म किया। 
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