चंडीगढ़ में आप कार्यकर्ताओं को रोकते पुलिसकर्मी।
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मणिपुर हिंसा के विरोध में मंगलवार को आम आदमी पार्टी (आप) के नेता व समर्थक सड़कों पर उतरे। उन्होंने एमएलए हॉस्टल से पंजाब राजभवन तक मार्च निकालकर राज्यपाल को मांग पत्र देने का फैसला लिया था। हालांकि चंडीगढ़ पुलिस ने उन्हें बैरिकेड लगाकर एमएलए हॉस्टल के बाहर ही रोक दिया। इस दौरान समर्थकों और पुलिस में धक्का-मुक्की भी हुई। आखिर में पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल कर उन्हें खदेड़ा। इससे कई समर्थक घायल भी हो गए। पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में ले लिया, जिन्हें देर शाम रिहा कर दिया गया।
मणिपुर हिंसा के विरोध में आप ने मंगलवार को चंडीगढ़ में रोष प्रदर्शन और गवर्नर हाउस तक मार्च निकालने की तैयारी की थी। सुबह सात बजे से पंजाब के विभिन्न जिलों के नेता और समर्थक एमएलए हॉस्टल पहुंचना शुरू हो गए थे। इसमें काफी संख्या में महिला समर्थक व नेता थे जबकि राज्य सरकार की कैबिनेट में शामिल अधिकतर नेता भी मौजूद रहे। इनमें चेतन सिंह जौड़ामजरा, लाल चंद कटारूचक्क, गुरमीत सिंह खुडिया समेत कई नाम शामिल हैं।
दोपहर करीब सवा 12 बजे जैसे ही नेता व समर्थक एमएलए हॉस्टल के बाहर पहुंचे तो पुलिस उन्हें बैरिकेड लगाकर रोकने की कोशिश लेकिन आप समर्थक पूरे जोश में भरे हुए आगे बढ़ रहे थे। पुलिस ने उन्हें समझाया कि केवल पांच लोग ही आगे जा सकते हैं लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं था। फिर आप समर्थकों ने बैरिकेड हटाकर आगे बढ़ने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने उन्हें इसमें कामयाब नहीं होने दिया। फिर उन्होंने बैरिकेड पर चढ़कर नारेबाजी करते हुए आगे बढ़ने की कोशिश। इस दौरान पुलिस व आप कार्यकर्ताओं में धक्का मुक्की हो गई।
आप समर्थक पीछे नहीं हटे तो पुलिस ने उन पर पानी की बौछारें मारीं। इस दौरान कई लोग घायल हो गए। आप नेता व समर्थक खुद को बचाने में लगे रहे। पुलिस कई लोगों को बसों में भरकर ले गई। यह प्रदर्शन करीब डेढ़ बजे तक चला।
आप के पंजाब प्रधान एवं विधायक बुधराम ने कहा कि मणिपुर में जो भी हुआ है गलत है। वहां की सरकार ने इस दिशा में कदम क्यों नहीं उठाया? आप नेता विनीत वर्मा ने कहा कि मणिपुर में जो भी हुआ है, वह गलत है। वहां पर केंद्र सरकार की भूमिका ठीक नहीं रही है।