28 अगस्त को होने वाले एक दिवसीय विधानसभा सत्र के हंगामेदार होने के आसार हैं। आम आदमी पार्टी (आप) ने सत्र को लेकर विधायकों की बैठक का आयोजन किया। जिसमें नेता प्रतिपक्ष हरपाल सिंह चीमा ने विधायकों के साथ रणनीति बनाई। बैठक में तय किया गया कि सत्र के दौरान जहरीली शराब, पराली थर्मल प्लांट और आशा वर्करों के मुद्दों को उठाया जाएगा।
हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि पार्टी ने सदन में केंद्र के कृषि विरोधी अध्यादेशों व पानी का संकट और एसवाईएल केंद्रीय बिजली संशोधन बिल-2020, मोंटेक सिंह आहलूवालिया रिपोर्ट और निजी स्कूलों की फीस के मुद्दे समेत पंजाब के सभी ज्वलंत मुद्दे सदन में उठाने का फैसला लिया गया है।
बैठक में हरपाल सिंह चीमा ने कहा पंजाब सरकार ने लोकतंत्र की खिल्ली उड़ाते हुए चार घंटे का मानसून सत्र रख कर पंजाब और पंजाब के लोगों के साथ धोखा किया है, क्योंकि भ्रष्टाचारियों और माफिया में घिरी राजा शाही सरकार लोगों के मसलों पर विरोधी पक्ष के सवालों का सामना करने की हिम्मत खो चुकी है। फिर भी हम सभी प्रमुख मुद्दों पर सरकार को कटघरे में खडा करेंगे।
विधायकों की बैठक में प्रिंसिपल बुद्धराम, बीबी सरबजीत कौर माणूंके, अमन अरोड़ा, मीत हेयर, जय सिंह रोड़ी, मनजीत सिंह बिलासपुर, मास्टर बलदेव सिंह और रुपिन्दर कौर रूबी शामिल हुए। कुलतार सिंह संधवां, प्रो. बलजिंदर कौर, कुलवंत सिंह पंडोरी ने वीडियो कॉलिंग से बैठक में भाग लिया।