विधानसभा में विपक्ष के नेता हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि सुखपाल खैरा का साथ देने वाले सभी विधायक खैरा का साथ छोड़कर जल्द पार्टी में लौट रहे हैं। चीमा गुरुवार को बरनाला की अनाज मंडी पक्खोकलां का दौरा कर किसानों की समस्याएं सुनने के बाद मीडिया से बातचीत कर रहे थे।
चीमा ने कहा कि खैरा को मनाने के लिए हर संभव कोशिश की गई, उनको अपनी मर्जी का पदभार लेने का ऑफर भी दिया गया, लेकिन वह नहीं माने। चीमा ने कहा कि अहंकार तो परमात्मा ही दूर कर सकता है या परमात्मा रूपी जनता अहंकार तोड़ सकती है। उन्होंने कहा कि पंजाब में लोकसभा चुनाव से पहले पार्टी को मजबूत करने के लिए ‘साडा बूथ सब तो मजबूत’ की लहर चलाई जा रही है।
एक सवाल के जवाब में चीमा ने कहा कि चाहे पार्टी के नेता दोफाड़ हो गए हैं लेकिन वालंटियर केजरीवाल की सोच के साथ हमेशा खड़े हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता केजरीवाल और उनकी नीतियों का समर्थन कर रही है। पंजाब में सत्ता में आने के बाद दिल्ली के तरह पंजाब का भी नक्शा बदला जाएगा और लोगों को हर सुविधा घर बैठे दिलवाई जाएगी।
पंजाब के मुद्दों को लेकर खैरा के साथ हैं : पिरमल
दूसरी तरफ सुखपाल खैरा के साथ शुरू से ही खड़े हलका भदौड़ के विधायक पिरमल सिंह ने हरपाल सिंह चीमा के बयान पर टिप्पणी करते हुए कहा कि वह किसी व्यक्ति विशेष के साथ नहीं जुड़े, बल्कि पार्टी के संविधान के मुताबिक व पंजाब के मुद्दों को लेकर खैरा के साथ हैं। उन्होंने कहा कि पहले सुखपाल सिंह खैरा को गैर कानूनी तरीके से विरोधी पक्ष के नेता के पद से उतारा गया व अब पार्टी में से भी गलत तरीके से निकाला गया है। वह पार्टी में रह कर हर गैर कानूनन फैसले का विरोध करते रहेंगे।