आम आदमी पार्टी के सांसद और प्रदेश अध्यक्ष भगवंत मान, विपक्ष के नेता हरपाल सिंह चीमा, विधायक अमन अरोड़ा और विधायक गुरमीत सिंह मीत हेयर ने किसान आंदोलन पर पंजाब सरकार द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में भाग लिया।
बैठक में आप ने दिल्ली की सीमा पर बैठे किसानों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया। इस पर कैप्टन ने इनकार कर दिया, इसके बाद आप नेता बैठक का बहिष्कार करते हुए बाहर चले आए। जहां उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह किसानों की मांगों के प्रति असंवेदनशील हैं और वे किसानों की हर मांग को नजरअंदाज कर रहे हैं।
26 जनवरी की घटना निंदनीय है। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह इन हालात के लिए जिम्मेदार हैं। प्रदेश में कानून व्यवस्था बिगड़ी हुई है। राजनीतिक दलों के नेताओं पर हमले करवाए जा रहे हैं फिर भी कैप्टन चुप हैं। अब सर्वदलीय बैठक बुलाकर ढकोसला कर रहे हैं। - जीवन गुप्ता, महासचिव, पंजाब भाजपा।
आप ने दिल्ली की सीमा पर बैठे किसानों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया। पार्टी ने मांग की है कि चूंकि दिल्ली पुलिस भाजपा के गुंडों के साथ मिलकर आंदोलनकारी किसानों को नुकसान पहुंचा सकती है, इसलिए कैप्टन को किसानों की सुरक्षा के लिए पंजाब पुलिस को तैनात करना चाहिए। कैप्टन ने इसके लिए इनकार कर दिया, जिसके बाद बैठक का बहिष्कार किया गया है। - भगवंत मान, प्रदेश अध्यक्ष, आम आदमी पार्टी।
निकाय चुनाव में कांग्रेस को अपनी हार दिखने लगी है, इसलिए सुनियोजित तरीके से कांग्रेस कार्यकर्ता दूसरे दलों के नेताओं पर हमला करा रहे हैं। कैप्टन इसके लिए जिम्मेदार हैं। उन्हें प्रदेश की बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर तत्काल इस्तीफा देना चाहिए। - डा. दलजीत चीमा, प्रवक्ता, शिअद।