मजीठिया ने कहा कि इतना ही नहीं, बल्कि अकाली दल के विधायकों के घर के बाहर पुलिस तैनात कर दी गई ताकि उन्हें सत्र में शामिल होने के लिए घर से बाहर निकलने न दिया जाए। यह कार्रवाई कांग्रेस सरकार के इशारों के बारे बताती हैं तथा मुख्यमंत्री अकाली दल विधायकों द्वारा जिम्मेदारी से पेश आने की प्रशंसा करने के बजाय जानबूझकर विधायकों को बदनाम करने में लगे हुए हैं।
कैप्टन ने कोरोना की आड़ में लोकतंत्र की तौहीन की: हरपाल सिंह चीमा
पंजाब विधानसभा के एक दिवसीय सत्र को लोगों और लोकतंत्र की तौहीन करार देते हुए नेता प्रतिपक्ष हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कोरोना की आड़ में लोकतंत्र ही कलंकित कर रख दिया। चीमा अपने साथी विधायकों के साथ पंजाब भवन के समक्ष धरने पर बैठ मीडिया से बात कर रहे थे।
हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि कोरोना समेत लोगों के ज्वलंत मुद्दों पर अमरिंदर सिंह सरकार मुख्य विरोधी पक्ष (आप) का सामना करने से भागी है, क्योंकि अपने पौने चार सालों के कुशासन के दौरान सरकार कोरोना समेत हर फ्रंट पर फेल साबित हुई है। हम कोरोना की निगेटिव रिपोर्टों को साथ लेकर आए थे लेकिन यह कहते हुए अंदर नहीं जाने दिया गया कि आपका एक सुरक्षाकर्मी कोरोना पॉजिटिव आया है, जबकि मुख्यमंत्री के खुद के एक दर्जन से अधिक गनमैन कोरोना पॉजिटिव निकले थे। ‘आप’ ने जहां सरकार को शराब, शिक्षा, रेत माफिया पर घेरा वहीं कथित वजीफा घोटाले में फंसे साधु सिंह धर्मसोत को अभी तक मंत्रिमंडल से बर्खास्त न करने के लिए मुख्यमंत्री पर सवाल उठाए।
इस मौके पर उनके साथ ‘आप’ के प्रदेश प्रधान और सांसद भगवंत मान, पंजाब के इंचार्ज जरनैल सिंह, सरबजीत कौर, अमन अरोड़ा, कुलतार सिंह संधवां, प्रो. बलजिंदर कौर, मीत हेयर, जय सिंह रोड़ी और मास्टर बलदेव सिंह (सभी विधायक) भी सरकार के विरुद्ध धरने पर बैठे हुए थे।
कोरोना रोकने के लिए जरूरी प्रबंध करने के बजाय लोगों को डरा रहे मुख्यमंत्री: भगवंत मान
‘आप’ विधायकों के धरने में पहुंचे भगवंत मान ने मुख्यमंत्री को कहा कि पिछले पौने चार साल से ‘एकांतवास’ में बैठे अमरिंदर सिंह कोरोना के विरुद्ध जरूरी प्रबंध करने में बुरी तरह से फेल रहे हैं। अब ‘यमराज’ की तरह लोगों में दहशत फैला रहे हैं कि कोरोना के साथ इतनी तिथि तक इतने व्यक्तियों की मौत हो जाएगी।