सोमवार सुबह रिशु लूंबा के दादा नगिंदरपाल ने ज्योति के भाई गुलशन कुमार को फोन किया कि उसकी बहन ने फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली है। जब गुलशन और उसके परिजन उनके घर पहुंचे तो देखा कि ज्योति के शरीर पर मारपीट के काफी निशान थे और उसके कमरे में उसके बाल भी काफी बिखरे पड़े थे और उसका मोबाइल डस्टबिन में टूटा पड़ा था। इस पर मायके परिवार ने पुलिस को सूचना दे दी।
गुलशन कुमार ने पुलिस को दर्ज करवाए बयान में कहा कि करीब तीन माह पहले ही ज्योति बाला का बेटा हुआ था। इसके बाद से रिशु द्वारा ज्योति को मायके से ब्रेजा कार लाने के लिए परेशान किया जा रहा था। मांग पूरी न होने पर आरोपी रिशु और उसके परिवार ने ज्योति को मौत के घाट उतार दिया।
पुलिस ने रिशु उसके पिता तरसेम, दादा नगिंदरपाल सिंह, दादी बिमला रानी, देवर कोछड़ लूंबा और ननद रेनू बाला के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। रिशु और उसके पिता तरसेम लाल को गिरफ्तार कर लिया गया है। जांच अधिकारी का कहना है कि बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी फिलहाल बाकी है। प्राथमिक जांच में पुलिस को पता चला है कि करीब डेढ़ माह से झगड़ा होने के कारण ज्योति अपने मायके परिवार के पास रह रही थी। कुछ दिन पहले ही रिशु उसे वापस घर लेकर आया था।