मोगा के एक गांव निवासी 37 वर्षीय व्यक्ति मंगलवार को दुबई से लौटा। वापस आने पर उसकी छाती में दर्द होने लगा तो चेकअप के लिए वह बुधवार सुबह अपने पिता के साथ सिविल अस्पताल मोगा पहुंचा। सिविल अस्पताल मोगा में एमडी मेडिसिन डॉ. साहिल गुप्ता ने पीड़ित का चेकअप कर छाती का एक्स-रे करवाया और उसे निमोनिया बताया।
इसके बाद कोरोनावायरस जैसे लक्षण पाए जाने पर डॉक्टर ने पीड़ित को आइसोलेशन वार्ड में जाने को कहा। पीड़ित अपने पिता के साथ आइसोलेशन वार्ड में जाने के बजाय अस्पताल से रफूचक्कर हो गया। जब पीड़ित आइसोलेशन वार्ड में नहीं गया तो डॉक्टर ने इसकी सूचना सिविल सर्जन डॉ. जसवंत सिंह को दी। सिविल सर्जन ने डीएसपी सिटी को एक पत्र भेजा और उक्त व्यक्ति को तुरंत काबू करने के लिए कहा गया।
पत्र में सिविल सर्जन द्वारा लिखा गया कि गांव बधनी खुर्द का रहने वाला उक्त व्यक्ति कोरोना वायरस का संदिग्ध मरीज है और उसके कुछ टेस्ट किए जाने जरूरी हैं इसलिए उसे तुरंत काबू किया जाए। डीएसपी सिटी ने पुलिस टीम को पीड़ित के घर भेजा। टीम गई तो घर पर ताला लटका मिला। पुलिस ने उसके मोबाइल नंबर को ट्रेस पर लगा दिया।
इसी बीच करीब 5 घंटे के बाद पीड़ित खुद ही अपने पिता के साथ वापस सिविल अस्पताल में चेकअप करवाने आ गया। अस्पताल प्रशासन ने इसकी सूचना पुलिस को दी तो पुलिस के कुछ अधिकारी भी सिविल अस्पताल में पहुंचे। सिविल सर्जन डॉ. जसवंत सिंह ने बताया कि उक्त व्यक्ति के सैंपल ले लिए गए हैं और पुणे भेज दिए गए हैं। फिलहाल उसे घर भेज दिया गया है। थाना बधनी कला के एसएचओ को लिखित में दिया गया है कि सैंपल की रिपोर्ट आने तक उक्त व्यक्ति को उसके घर में ही नजरबंद करके रखा जाए। अगर सैंपल पॉजिटिव आता है तो उसका उपचार शुरू किया जा सके।