चंडीगढ़। यूटी प्रशासन अब ई-सेवा पोर्टल, सर्विस प्लस पोर्टल, ई-सम्पर्क पोर्टल और अन्य डिजिटल प्लेटफार्मों को एकीकृत कर एक सिंगल यूनिफाइड प्लेटफार्म तैयार करने जा रहा है। प्रशासन का उद्देश्य है कि सभी सरकारी सेवाएं एक ही पोर्टल के माध्यम से आम नागरिकों को उपलब्ध कराई जाएं ताकि बार-बार अलग-अलग वेबसाइट्स पर जाकर सेवाएं लेने की जरूरत न पड़े।
हाल ही में इसे लेकर यूटी प्रशासन के मुख्य सचिव राजीव वर्मा ने सभी विभागों के साथ बैठक की। इस दिशा में तेजी से काम शुरू कर दिया गया है और नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर (एनआईसी) के राज्य सूचना अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि वे सभी संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित कर समयबद्ध ढंग से इस प्लेटफार्म को तैयार करें। नए प्लेटफार्म के जरिए जन्म, मृत्यु, निवास और जाति प्रमाण पत्र, संपत्ति कर, लाइसेंसिंग, शिकायत पंजीकरण जैसे काम एक ही जगह से किए जा सकेंगे। नागरिकों को एक लॉगिन और एक इंटरफेस मिलेगा जिससे वे अपनी सभी सेवाएं ट्रैक और एक्सेस कर सकेंगे। प्रशासन का मानना है कि इस पहल से डिजिटल सेवाओं की पारदर्शिता और दक्षता दोनों बढ़ेगी। साथ ही यह कदम ''''डिजिटल इंडिया'''' मिशन को भी मजबूती देगा। आने वाले समय में चंडीगढ़ देश के स्मार्ट शहरों की कतार में और आगे बढ़ेगा।
एस्टेट ऑफिस का रिकॉर्ड 90 दिन में होगा डिजिटल
एस्टेट ऑफिस इस बार रिकॉर्ड स्कैनिंग के साथ-साथ सभी दस्तावेजों की कैटलॉगिंग कर उन्हें पूरी तरह से ऑनलाइन उपलब्ध कराने की योजना है। फाइलों और आवंटियों के आवेदन की लाइव ट्रैकिंग भी डिजिटल प्लेटफॉर्म और मोबाइल एप के माध्यम से की जाएगी। इस परियोजना की जिम्मेदारी एनआईसी को सौंपी गई है। इससे पहले 2011 और 2021 में भी रिकॉर्ड को कंप्यूटर पर लाने की कोशिश की गई थी, लेकिन हर बार काम अधूरा रह गया और पूरा रिकॉर्ड डिजिटल नहीं हो सका। अधिकारियों के मुताबिक, पिछली बार कुछ प्रॉपर्टी की जानकारी जैसे रीसम्ड प्रॉपर्टी वेबसाइट पर गलत डाली गई थी, लेकिन अब उसे ठीक कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि यह प्रक्रिया 90 दिनों में पूरी की जाएगी। इसके बाद फाइलों की लाइव ट्रैकिंग शुरू की जाएगी, जिससे आवंटियों को पारदर्शिता के साथ तेजी से सेवा मिलेगी। इस पूरे अभियान की निगरानी यूटी के मुख्य सचिव और एस्टेट सचिव कर रहे हैं।