उन्होंने कहा कि इसके बाद जत्थे के श्रद्धालु गुरुद्वारा श्री डेरा साहिब लाहौर पहुंचेगा, जहां 29 जून को महाराजा रंजीत सिंह की बरसी संबंधी समागम होंगे। उन्होंने बताया कि जत्थे की वापसी 30 जून को होगी। जत्थेदार बूह ने पाकिस्तान जाने वाले श्रद्धालुओं को ज्यादा से ज्यादा वीजा दिए जाने की भी मांग की।
अफगानिस्तान से भारत आने वाले सिखों के हवाई खर्च का प्रबंध करेगी एसजीपीसी: धामी
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान हरजिंदर सिंह धामी ने अफगानिस्तान के सिखों के लिए मदद का एलान करते हुए कहा कि मौजूदा हालात के चलते जो सिख अफगानिस्तान से भारत आना चाहते हैं, उनके हवाई टिकटों का प्रबंध एसजीपीसी की तरफ से किया जाएगा। उन्होंने इस संबंध में भारत सरकार से अपील की है कि वह अफगानिस्तान में रह रहे सिखों को सुरक्षित भारत लाने की तुरंत मंजूरी दे, ताकि वे डर भरे माहौल से बाहर निकल सकें।
धामी ने कहा कि अफगानिस्तान में रहने वाले सिखों को घबराने की जरूरत नहीं है। जिनके पास खर्च की व्यवस्था नहीं है, उनके लिए सिख संस्था एसजीपीसी उनका हर तरह से सहयोग करेगी। उन्होंने कहा कि सोमवार को दिल्ली में अफगानी सिखों के साथ उनकी बातचीत हुई है, जिन्होंने अफगानिस्तान में रह रहे सिखों की तकलीफों के बारे में जानकारी दी थी।
उन्होंने कहा कि अफगानी सिखों में डर और असुरक्षा की भावना के चलते भारत में रहने वाले अफगानी सिखों समेत पूरी सिख कौम चिंतित है। ऐसे संकट में अफगानिस्तान के सिखों से पूरी कौम को हमदर्दी है और सिख संस्था शिरोमणि कमेटी भी इनका दर्द महसूस करती है। धामी ने कहा कि चाहे अफगानिस्तान में अपने कारोबार और जान से प्यारे गुरु-घरों को छोड़कर आना सिखों के लिए बहुत मुश्किल है लेकिन इन हालात में सिख वहां बेबस हैं। इसके चलते भारत सरकार को चाहिए है कि वह अफगानिस्तान में हर सिख की सुरक्षा के लिए संजीदा प्रयास करे और उन्हें भारत लाकर नागरिकता दे।