वह बिल 68.84 लाख रुपये का भेज दिया गया। कृष्ण ने तुरंत ही बिल पर लिखे बिजली निगम के नंबर पर फोन करके शिकायत दर्ज कराई तो उसे बिल दो दिन में ठीक करने का आश्वासन दिया गया। उसके बाद कृष्ण ने दोबारा फोन किया तो फिर से जल्द ही बिल ठीक करने की बात कही गई। जिसके बाद कृष्ण खुद ही बिजली निगम कार्यालय में पहुंचा तो उसे अगला बिल ठीक भेजने की बात कहकर वापस भेज दिया गया।
अब दोबारा से बिल आया तो कृष्ण के पैरों तले से जमीन खिसक गई, क्योंकि उसका बिल 1.10 करोड़ रुपये का भेज दिया गया। इस तरह पहले गलत बिल आने पर ठीक कराने के लिए चक्कर काटने के बाद उसकी समस्या को ज्यादा बढ़ा दिया गया। अब कृष्ण कुमार ने बिजली निगम में शिकायत देने के साथ ही सीएम विंडो पर शिकायत दर्ज कराई है और इस तरह की लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। कृष्ण कुमार का कहना है कि पिछले कई महीनों से इस कारण पूरा परिवार परेशान चल रहा है और वह धक्के खाकर थक चुका है, लेकिन बिल को ठीक नहीं किया जा रहा है।
यह मामला अभी तक मेरे पास नहीं आया है और मेरे पास आता तो उसका समाधान कराया जाता। जिस तरह से बिल की राशि है, उससे लग रहा है कि उसमें कोई गलती हुई है। इसलिए मेरे पास बिल लेकर आने पर उसकी जांच कराकर ठीक करा दिया जाएगा। जेसी शर्मा, एक्सईएन सिटी