सीएम मनोहर लाल से ग्रामीणों ने की मुलाकात।
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हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने दिल्ली से लगते सिंघु और टीकरी बॉर्डर पर बंद पड़े रास्तों को जल्द खुलवाने के संकेत दिए हैं। मुख्यमंत्री ने रास्ते खुलवाने को प्राथमिकता बताते हुए कहा कि इसके लिए सरकार कानून व्यवस्था बनाए रखते हुए रास्ते खुलवाने का पूरा प्रयास कर रही है। चार अक्टूबर को इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने की उम्मीद है, इसके बाद वे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिलेंगे और जल्द ही स्थिति सामान्य होगी।
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यह आश्वासन मुख्यमंत्री ने गुरुवार को उनके आवास पर मिलने पहुंचे बॉर्डर के साथ लगते 20 गांवों के परेशान लोगों को दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने रास्ते खुलवाने वाली याचिका में संयुक्त किसान मोर्चा को पार्टी बनाए जाने को कहा है। व्यापारी और दुकानदारों को हो रहे नुकसान को लेकर वे भी चिंतित हैं। गांवों से होकर गुजरने वाली लिंक सड़कों को ठीक करवाने के लिए संबंधित विभागों को आदेश देकर प्राथमिकता से काम कराया जाएगा।
रोते हुए बोले ग्रामीण, अस्पताल न पहुंचने से कई की हुई मौत
एक ग्रामीण ने रोते हुए मुख्यमंत्री के समक्ष बताया कि आपातकालीन स्थिति में अस्पताल न पहुंचने से भी कई मरीजों की मौत हो चुकी है। ऐसा भी नहीं है कि रात में किसी की हालत बिगड़े तो उसे आसानी से अस्पताल पहुंचाया जा सके। ग्रामीणों ने कहा कि बॉर्डर के पास दुकानदारों और शोरूम मालिकों के काम-धंधे पूरी तरह ठप हो गए हैं। हालात ये है कि कामकाज ठप होने के कारण लोगों के सामने पलायन करने की स्थिति आ गई है।
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बढ़ रही वारदात, बढ़ाई जाएगी पेट्रोलिंग
राष्ट्रवादी परिवर्तन मंच के अध्यक्ष हेमंत नांदल के नेतृत्व में ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मिला और रास्ते खुलवाने को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने सीएम को बताया कि आए दिन मारपीट की घटनाएं हो रही हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस की पेट्रोलिंग तुरंत बढ़ाई जाएगी। वहीं, आसपास के गांवों के बच्चों का स्कूलों में जाना लगभग बंद हो गया है। प्रतिनिधिमंडल में शामिल ट्रांसपोर्टरों ने बताया कि रास्ते बंद होने के कारण ट्रांसपोर्ट का काम बिल्कुल ठप हो गया है।