चरणजीत सिंह चन्नी को पंजाब में कांग्रेस का अगला मुख्यमंत्री चेहरा घोषित करने के साथ ही हाईकमान ने पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी के घोषणा पत्र में प्रदेश प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू के पंजाब मॉडल को शामिल करने का मन बना लिया है। माना जा रहा है कि हाईकमान का यह फैसला सिद्धू को सीएम चेहरा नहीं बनाए जाने के बाद किसी भी बिगड़ते हालात को रोकने के उद्देश्य से लिया गया है। पंजाब कांग्रेस भवन में प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी (मीडिया व कम्युनिकेशन) पवन खेड़ा ने जानकारी दी कि पार्टी का घोषणा पत्र जल्द आएगा। इसमें प्रदेश प्रधान सिद्धू के पंजाब मॉडल की भी झलक मिलेगी।
उल्लेखनीय है कि सिद्धू ने विधानसभा चुनाव के मद्देनजर एक 13 सूत्रीय पंजाब मॉडल तैयार कर पार्टी की मेनिफेस्टो कमेटी और हाईकमान को यह कहते हुए सौंपा था कि यह पंजाब में पार्टी का घोषणा पत्र बनाए जाने के लिए पर्याप्त है। हालांकि तब हाईकमान की तरफ से पंजाब मॉडल के बारे में कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई, जिसे देखते हुए सिद्धू ने भी तेवर कड़े कर लिए थे।
एक बयान में उन्होंने साफ कर दिया था कि घोषणा पत्र है तो पंजाब मॉडल है और अगर पंजाब मॉडल है तो सिद्धू भी है। इससे पहले सिद्धू ने मेनिफेस्टो कमेटी के साथ प्रदेश प्रधान के रूप में अपनी बैठक के दौरान साफ कर दिया था कि पंजाब मॉडल को पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए मेनिफेस्टो का हिस्सा बनाया जाए। यही मांग उन्होंने कांग्रेस हाईकमान से भी की थी।
चन्नी को मुख्यमंत्री चेहरा घोषित किए जाने के बाद सिद्धू ने हाईकमान के फैसले को स्वीकार करने की बात तो कही लेकिन यह भी साफ कर दिया था कि वह पंजाब की जनता के कल्याण के लिए लड़ते रहेंगे। उन्होंने मांग की थी कि मुख्यमंत्री चन्नी को पंजाब मॉडल लागू करना चाहिए। सिद्धू का कहना है कि पंजाब मॉडल राज्य के लोगों की जिंदगी बदलने का मॉडल है। सिद्धू ने यहां तक दावा किया कि पंजाब मॉडल जो भी लागू करेगा, वोट इसी पर मिलेंगी।
सिद्धू के पंजाब मॉडल की खास बातें
- बेअदबी मामलों का निपटारा फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाकर
- एक्साइज लीकेज रोकने को राज्य शराब निगम बनेगा
- अवैध खनन रोकने को राज्य रेत खनन निगम बनेगा
- केबल नियामक आयोग बनाकर 3-5 हजार करोड़ राजस्व बढ़ेगा
- नई परिवहन पॉलिसी लाएंगे, जिससे डेढ़ हजार करोड़ की कमाई बढ़ेगी
- मोहाली को आईटी हब बनाने और युवाओं को रोजगार देने का वादा
- 10 औद्योगिक और 13 खाद्य प्रसंस्करण क्लस्टर बनाने का लक्ष्य
- राज्य में स्किल आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने का वादा