अंबाला चाइल्ड लाइन से कोऑर्डिनेटर सुजाता और टीम सदस्य कमल बच्ची के पास पहुंचे। टीम ने बच्ची को अपने संरक्षण में लिया और उससे घर का पता पूछा। बच्ची ने बताया कि वह कभी स्कूल नहीं गई और उसे घर का पता भी मालूम नहीं है। सिर्फ इतना मालूम है कि मथुरा में उसका परिवार रहता है।
कोऑर्डिनेटर द्वारा मथुरा के कृष्णा नगर पुलिस चौकी से संपर्क किया और बच्ची के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बच्ची के परिजनों का नंबर दिया। कोऑर्डिनेटर ने बच्ची की मां को फोन करके उनकी बेटी के बारे में सूचना दी। बच्ची की मां और भाई मथुरा से अंबाला के लिए रवाना हुए।
देर शाम पहुंचे बच्ची के परिजन
देर शाम बच्ची के परिजन अंबाला पहुंचे और चाइल्ड लाइन द्वारा बात करने पर उन्होंने बताया कि उनकी बेटी पिछले 22 दिनों से लापता थी। वो हर रोज बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, पुलिस स्टेशन, सड़क, धार्मिक स्थलों पर ढूंढ़ने के लिए के निकलते थे और रात को निराश होकर वापस आते थे। उन्होंने बताया कि बच्ची को नींद में चलने की आदत है इस वजह से वो कब घर से निकल गई किसी को नहीं पता।
देर रात बच्ची को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया गया। बाल कल्याण समिति सदस्य जगमोहन सिंह की अगुवाई में पूरी जांच पड़ताल के बाद बच्ची को सुरक्षित परिजनों के हवाले कर दिया गया व परिजनों को बच्ची का ध्यान रखने के लिए कहा।