एनके नंदा नौंवी बार चंडीगढ़ जिला बार एसोसिएशन के प्रधान चुन लिए गए हैं। उन्हें 1040 वोट मिले और उन्होंने अपने प्रतिद्वंदी सुनील टोनी को 143 वोटों से हराया। जिला अदालत सेक्टर 43 में शुक्रवार रात करीब एक बजे बीस राउंड की गिनती पूरी हुई। उपप्रधान किरणदीप सिंह अपने प्रतिद्वंदी शिव कुमार मूर्ति यादव से 469 वोटों से जीते। किरणदीप सिंह खुल्लर को 1172 वोट मिले।
शिव कुमार मूर्ति यादव को 703 वोट मिले। सेक्रेटरी नीरज हंस 867 वोट, गगन अग्रवाल 758 वोट और रंजीत धीमान 283 वोटों से जीते। ज्वॉइंट सेकेट्ररी अनु धीमान ने 960 वोटों से जीत दर्ज की। मुकाबले में खड़ी गुरिंदर कौर को 922 वोट मिले। खजांची धीरज सहगल 966 वोट से जीते, वहीं उनके मुकाबले में खड़े विकास कुमार को 926 वोट मिले।
शुक्रवार सुबह से ही बार एसोसिएशन के चुनाव में खड़े उम्मीदवार वकील जीत के लिए हर वकील की वोट अपने पक्ष में डलवाने को प्रयासरत रहे। सुबह करीब साढ़े नौ बजे से वोट डलने शुरू हो गए थे। गिनती के लिए बीस राउंड तय किए गए। हर राउंड में एक सौ वोट की गिनती की गई। शुक्रवार शाम करीब 5 बजे तक वोट डालने की प्रक्रिया को पूरा कर लिया गया। शाम करीब 6 बजे से वोटों की गिनती शुरू की गई।
रात करीब 11 बजे तक गिनती के 13 राउंड पूरे कर लिए गए। इस दौरान तक हर पद के लिए खड़े उम्मीदवार वकील एक-दूसरे से आगे-पीछे होते रहे। उम्मीदवारों और उनके पक्ष के वकीलों में अपने अपने पसंदीदा उम्मीदवार को जीत की तरफ बढ़ते सुनने की उत्सुकता बनी रही। अधिकांश राउंड में आठ बार प्रधान रह चुके वरिष्ठ वकील एनके नंदा आगे रहे।
लेकिन उनके मुकाबले में उतरे वकील सुनील टोनी भी नजदीकी टक्कर देते दिखे। चुनाव के नतीजों का एकतरफा न रहकर दिलचस्प बनने का कारण युवा वोटर रहे। अधिकांश युवा वकील चुनाव में आमने सामने थे। वरिष्ठ वकीलों के लिए भी जीत सुनिश्चित करने के लिए युवा वोटर का साथ होना जरूरी रहा। जिला अदालत में कुल 2655 वोटर हैं, लेकिन शुक्रवार को मत शक्ति का इस्तेमाल 1946 वकीलों ने किया।