चंडीगढ़। शहर में कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। शनिवार को कोरोना के 98 मरीजों के मिलने के साथ शहर में संक्रमण दर 7.22 प्रतिशत पर पहुंच गई। यह खतरे के निशान से काफी ज्यादा है। इसके साथ ही सक्रिय मरीजों की संख्या 492 हो गई है। इनमें से पांच मरीज वेंटिलेटर पर पीजीआई व जीएमसीएच-32 में भर्ती हैं जबकि ऑक्सीजन पर भर्ती मरीजों की संख्या 19 है।
स्वास्थ्य विभाग ने 24 घंटे के दौरान 1358 लोगों की जांच की। इनमें से 48 पुरुष और 50 महिलाओं में संक्रमण की पुष्टि हुई जबकि दूसरी तरफ 7 दिन की अवधि पूरी कर लेने पर 64 मरीजों को छुट्टी दी गई। गौरतलब है कि देश की राजधानी दिल्ली में संक्रमण दर 8.10 प्रतिशत जबकि देश में 4.39 प्रतिशत है। ऐसे में चंडीगढ़ में महज चंद दिनों में संक्रमण दर में तेजी से आई उछाल खतरे की घंटी है। स्थिति की गंभीरता को समझने हुए विशेषज्ञ लोगों से संक्रमण से बचाव के मानकों का पालन सुनिश्चित करने के साथ ही जल्द से जल्द प्रिकॉशन डोज लगवाने की सलाह दे रहे हैं।
वारयस कभी भी हो सकता है घातक, सतर्कता जरूरी
पीजीआई के डीन एकेडमिक प्रो. जीडी पुरी का कहना है कि कोरोना संक्रमण की रफ्तार एक बार फिर बढ़ गई है। अगर पिछले तीन लहरों पर गौर किया जाए तो शुरुआती दौर कुछ ऐसा ही था। जहां तक स्थिति गंभीर होने की बात है तो मौजूदा समय में आबादी का एक बड़ा हिस्सा टीका लगवाकर सुरक्षित हो चुका है। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि अगर वह संक्रमण की चपेट में आया भी तो स्थिति गंभीर नहीं होगी। फिर भी मैं लोगों को सचेत करना चाहूंगा कि वायरस अपना म्यूटेशन कभी भी बदल कर बेहद आक्रामक तरीके से हमला कर सकता है। जैसा दूसरी लहर के दौरान डेल्टा वैरिएंट ने किया था इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतें। संक्रमण से बचाव के मानकों का पालन करने के साथ ही जिन्होंने अब तक टीका नहीं लगाया है वो जल्द से जल्द टीका लगवा लें।