सिटी ब्यूटीफुल में अप्रैल से डिपो सिस्टम खत्म हो जाएगा। शहर के सभी 93 डिपो बंद हो जाएंगे। लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है। राशन की परेशानी से निपटने केलिए यह कदम उठाया जा रहा है। राशन डिपो बंद कर डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) योजना शुरू की जा रही है।
देशभर में यह योजना सबसे पहले चंडीगढ़ और पुंडुचेरी में पायलट प्रोजेक्ट के तहत शुरू होगी। यहां सफल होने के बाद इसका विस्तार अन्य राज्यों में भी किया जाएगा। यूटी फूड एंड सप्लाई से जुड़े अधिकारी इसे शुरू करने की तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं।
उम्मीद है कि नए वित्त वर्ष के साथ ही डीबीटी का शुभारंभ हो जाएगा। लोगों को राशन की लंबी-लंबी लाइनों से राहत मिलेगी। साथ ही डिपो होल्डर की कालाबाजारी भी रुकेगी। लाभार्थी और सरकार का डायरेक्ट लिंक आपस में होगा। इससे पहले सरकार ने डीबीटीएल स्कीम से एलपीजी गैस की सब्सिडी खातों में देने की योजना शुरू की थी।
यह है डीबीटी
सभी राशन लाभार्थियों को डीबीटी से जोड़ा जाएगा। इससे लोगों को राशन की बजाय अब उसका पैसा सीधा बैंक खाते में मिलेगा। लाभार्थियों को फ्रीडम ऑफ च्वाइस यानी अपनी पसंद का राशन कहीं से भी खरीदने की आजादी होगी। जरूरत नहीं होने पर राशन खरीदने की जबरदस्ती नहीं होगी। फूड एंड पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन मंत्रालय के दिशा निर्देशानुसार ही सब्सिडी निर्धारित होगी।
6 माह का अनाज मंगाया एडवांस
डिपो बंद होने के बाद लोगों को ऑफ सीजन में मोटा अनाज खरीदने में परेशानी न हो। इसके लिए यूटी प्रशासन ने पहले ही केंद्र से 6 माह के लिए अनाज एडवांस में मंगाया है। जहां लोग मनमर्जी से इसकी खरीददारी कर सकेंगे। लोग चाहें तो प्राइवेट रिटेलर से भी गेहूं इत्यादी खरीद सकते हैं।
अप्रैल से डीबीटी योजना शुरू होगी। इसकी लेकर तैयारियां चल रही हैं। गवर्नमेंट ऑफ इंडिया की गाइड लाइन के अनुसार अब अनाज नहीं मिलेगा, इसकी जगह रुपये लोगों के खाते में डलेंगे। 6 माह के लिए अनाज एडवांस में मंगाया है। इस पूरे सिस्टम को ऑनलाइन भी किया जाएगा।
दानिश अशरफ, ज्वाइंट डायरेक्टर फूड एंड सप्लाई