91 साल की उम्र में भी इतना गजब का जज्बा है कि आप तारीफ किए बिना नहीं रहेंगे। इनकी कहानी आपमें जोश भर देगी और आप इनकी तरह बनना चाहेंगे। तीन घंटे अस्पताल में रहने के बाद भी मैदान में उतरे और दो गोल्ड मेडल जीत कर सभी को हैरान कर दिया। 91 वर्षीय मास्टर एथलीट की तबीयत अचानक खराब हुई और वह खेल के मैदान में ही बेहोश हो गया। जब आंखे खुली तो खुद को अस्पातल की इमरजेंसी में लेटा पाया।
सामने खड़े छोटे भाई को उदास देखकर बुजुर्ग ने कहा अब बिल्कुल फिट हूं। मैं एक फौजी हूं। जब बार्डर पर हार नहीं मानी, ये तो खेल का मैदान है। सिर्फ उम्र आड़े आ रही है, इसलिए शरीर साथ नहीं दे रहा है। हौसला अब भी कम नहीं हुआ। मॉस्टर्स एथलेटिक चैंपियनशिप में हिस्सा लेने आए हैं। मेडल जीतकर जाएंगे। उसके बाद दोनों भाई चैंपियनशिप में हिस्सा लेने के लिए स्पोट्र्स कांप्लेक्स पहुंचे।
यहां स्पोट्र्स कांप्लेक्स में आयोजित चैंपियनशिप के दो स्पोर्ट्स इवेंट में बुजुर्ग ने दो स्वर्ण पदक पर कब्जा किया। ये गजब का जज्बा देखने को मिला, हरियाणा में फतेहाबाद निवासी 91 वर्षीय महिंदर पाल सिंह में। वे पंचकूला के ताऊ देवी लाल स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित 26वीं हरियाणा राज्य मॉस्टर्स एथलेटिक चैंपियनशिप में हिस्सा लेने आए थे।
रविवार को चैंपियनशिप के शुभारंभ के दौरान खाली पेट होने के चलते उनका बीपी और शूगर लेबर कम हो गया और वह बेहोश हो गए। उन्हें पंचकूला सेक्टर-6 के जनरल अस्पताल में दाखिल कराया गया। जहां पर लगातार तीन घंटे तक इलाज चला।