सभी शहर की एक एकेडमी में सेना की तैयारी के लिए कोचिंग लेते थे, इसलिए एक साथ गए थे। इनका शुक्रवार को मेडिकल होना था, इसलिए सभी ने घर आने का फैसला किया। रात लगभग आठ बजे सभी हिसार से एक बस में सवार होकर हांसी आए। हांसी से जींद तक इनको कोई वाहन नहीं मिला तो हांसी निवासी सोमी उर्फ सोमनाथ का ऑटो किराये पर लिया।
हांसी में ऑटो को जींद के हाउसिंग बोर्ड निवासी प्रवीण (50) ने रुकवा लिया और जींद चलने की बात कही। सभी युवकों ने प्रवीण को भी बैठा लिया। इस तरह ऑटो में चालक समेत 11 लोग सवार हो गए। रात साढ़े दस बजे जब यह लोग जींद-हिसार हाईवे पर रामराये गांव से कुछ आगे निकले तो सामने से आ रहे टैंकर ने ऑटो में टक्कर मार दी।
हादसे के बाद टैंकर चालक टैंकर को छोड़कर फरार हो गया। सभी को रात में ही नागरिक अस्पताल लाया गया, जहां पर चिकित्सकों ने अमित (22), भारत (21), मंगल (21), रोबिन (20), सुमित (21), दीपक (23), संजय (20), संजय (21), प्रवीण (50) व ऑटो चालक सोमी उर्फ सोमपाल (25) को मृत घोषित कर दिया, जबकि परमजीत को गंभीर हालत में पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया गया। रात को सभी युवकों की शनाख्त नहीं हो पाई थी। पोस्टमार्टम के बाद शाम को मृतकों का अंतिम संस्कार किया गया। पुलिस ने गांव भड़ताना के पूर्व सरपंच देवेंद्र की शिकायत पर अज्ञात ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। देर शाम टैंकर चालक को गिरफ्तार कर लिया गया।