उन्होंने कहा कि कोविड को देखते हुए पिछले वर्ष की तरह इस बार भी खरीद केंद्रों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए। खरीद केंद्रों की स्थापना के लिए जल्द से जल्द स्थानों की पहचान कर ली जाए। मंडियों में मजदूरों की उपलब्धता, धर्मकांटा, बारदाना और सिलाई मशीन की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है।
सॉफ्टवेयर के जरिए होगी किसानों को फसल खरीद की अदायगी
सरकार किसानों को फसल खरीद की अदायगी 48 घंटे के भीतर सुनिश्चित करने में जुट गई है। सॉफ्टवेयर तैयार किया जा रहा है और पहली अप्रैल से शुरू हो रही खरीद में इसके जरिए ही सीधा किसानों के खाते में पैसा जाएगा। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा है कि किसानों की फसल खरीद की अदायगी में देरी न हो, ये सुनिश्चित किया जाएगा।
राशि भुगतान प्रक्रिया को लेकर सॉफ्टवेयर तैयार किया जा रहा है। इसकी मदद से इस बार हरियाणा के किसानों के खातों में सीधा राशि जाएगी। उन्होंने कहा कि इस बार आढ़ती के जरिए अदायगी नहीं होगी। आढ़ती का सारा खर्च और उनकी फीस उनको मिलती रहेगी लेकिन पेमेंट सीधा किसानों के खाते में होगी। मंडी में जितना काम आढ़ती का है, वह उसे ही करना है।
मुख्यमंत्री के इस बयान से साफ है कि सरकार फिलहाल आढ़तियों के दबाव में आने वाली नहीं है। प्रदेश व्यापार मंडल ने भले ही इस मामले में अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी हो लेकिन सरकार के इरादे साफ हैं। उसने नई भुगतान प्रणाली को अपनाने का निर्णय ले लिया है। अब देखना यह है कि आढ़तियों व सरकार के बीच फसल खरीद को लेकर चले आ रहे मामले में अंतत: क्या होता है।