हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल।
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हरियाणा सरकार की जांच में 88 हजार ऐसे लोग सामने आए हैं जो आयकर भरने के बावजूद सरकारी योजनाओं का लाभ ले रहे थे। इन्होंने परिवार पहचान पत्र में खुद को गरीब बताया था लेकिन परिवार पहचान पत्रों की पड़ताल में इन फर्जी गरीबों का झूठ पकड़ा गया। 41 हजार ऐसे लोगों की पहचान हुई है, जिन्होंने खुद को किसान बताकर प्रधानमंत्री सम्मान निधि की राशि हासिल की।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बुधवार को पत्रकारों से बातचीत में इसका खुलासा किया। उन्होंने कहा कि वर्षों से आयकर भरने के बावजूद खुद को गरीब बताने वालों लोगों की पहचान के बाद सरकार ने गरीब के तौर पर मिलने वाली सहायता व योजनाओं के लाभ के दायरे से इन्हें बाहर कर दिया है।
प्रधानमंत्री सम्मान निधि की राशि पाने वाले किसानों से सरकार चाहे तो पैसा वापस ले सकती है लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि भले ही किसी भी कारण से, जिन किसानों ने यह राशि हासिल कर ली है, उनसे वापस न लें। भविष्य में नियमों के विपरीत जाकर लाभ उठाने वाले ऐसे लोगों के नाम सूची से हटा दिए जाएं।
परिवार पहचान पत्र बनने के साथ पकड़े जाएंगे फर्जी गरीब : मनोहर
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि हरियाणा सरकार ने केंद्र से उपलब्ध हुए आयकरदाताओं की सूची का परिवार पहचान पत्र बना चुके लोगों की आय से मिलान किया। इसके बाद 88 हजार लोग सामने आए जो गरीबी की श्रेणी में नहीं आते। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे परिवार पहचान पत्र बनने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी, वैसे-वैसे इस तरह के लोगों की संख्या भी सामने आती जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत राज्य के साढ़े 15 लाख किसानों को छह हजार रुपये का लाभ दिया जाना है। कुछ राशि लाभार्थियों के खाते में पहुंच गई है। इनमें से 41 हजार किसानों ने फर्जी ढंग से यह पैसे हासिल कर लिए हैं।