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11वीं में दाखिला : स्कूलों में शुरू हो कॉलेजों की तरह शहर के बच्चों का 85 प्रतिशत कोटा

Mon, 03 Aug 2020 04:32 PM IST
ajay kumar कविता बिश्नोई, चंडीगढ़
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चंडीगढ़। - फोटो : social media
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चंडीगढ़ के सरकारी स्कूलों में 11वीं में मेरिट के आधार पर हर साल सेंट्रलाइज्ड दाखिले होते हैं। 11वीं में सीटें भी फिक्स होती है। शिक्षा विभाग की ओर से तय काउंसलिंग में लिमिटेड सीटों पर ही दाखिले दिए जाते हैं। ऐसे में शहर के सरकारी स्कूलों में शुरुआत से पढ़ने वाले विद्यार्थियों जिनके किसी कारणवश दसवीं में अंक कम रह जाते हैं, वे दाखिले से वंचित रह जाते है। बाहरी राज्यों और निजी स्कूलों के टॉपर्स को शहर के सरकारी स्कूलों में सीट मिल जाती है।

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यूटी एजुकेशन इम्प्लाइज यूनियन के अध्यक्ष स्वर्ण सिंह कंबोज ने बताया कि हम पिछले कई सालों से 11वीं में शहर के सरकारी स्कूलों के बच्चों के लिए 85 प्रतिशत कोटे की डिमांड कर रहे हैं। जब कॉलेजों में शहर के स्कूलों से पढ़े बच्चे के लिए 85 प्रतिशत कोटा रखा जाता है तो 11वीं के दाखिले में भी इसे रखा जाए। शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार रविवार तक 17,740 रजिस्ट्रेशन हुए हैं। 

शहर के 20 सरकारी स्कूलों में 12,500 सीट है। वहीं शिक्षा विभाग का कहना है कि इस बार वे दाखिले के लिए सिर्फ दो ही काउंसलिंग करवाएंगे। ऐसे में यह पक्का है कि 10वीं में ज्यादा प्रतिशत लेने वाले विद्यार्थियों को ही दाखिला मिल पाएगा। जानकारी के अनुसार पिछले वर्ष सरकारी स्कूलों के हजारों बच्चों को दाखिला नहीं मिलने पर उन्होंने प्रदर्शन किया था। इसके बाद उनके लिए सातवीं काउंसलिंग करवाकर उन्हें दाखिला दिया गया था। ये विद्यार्थी 50 से 65 प्रतिशत अंक लेने वाले थे, लेकिन इस बार कोविड-19 के चलते पूरी दाखिला प्रक्रिया ऑनलाइन है।

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बाहर के टॉपर्स को लेने पर 12वीं मेरिट रहती है अच्छी

पूर्व शिक्षा सचिव बीएल शर्मा ने बताया कि पिछले वर्ष हमने सरकारी स्कूलों में 11वीं दाखिले में 80-85 प्रतिशत कोटा रखने को लेकर बैठक की थी। लेकिन ज्यादातर शिक्षा अधिकारियों का मत था कि बाहरी राज्यों और शहरों के टॉपर्स को दाखिला देने पर सरकारी स्कूलों की 12वीं मेरिट अच्छी रहेगी।

वहीं अगर हम सरकारी स्कूलों में ही पढ़े हुए बच्चों को दाखिला देंगे तो रिजल्ट में ज्यादा सुधार नहीं होगा। क्योंकि सरकारी स्कूल वाले विद्यार्थियों की परफॉरमेंस टॉपर्स के मुकाबले कमजोर रहती है। इसके अलावा बैठक में किसी अधिकारी ने बताया था कि दाखिले के दौरान अंत तक वैसे भी 80 प्रतिशत तक शहर के विद्यार्थियों को सीट मिल जाती है। इसलिए हमने इस प्रपोजल को आगे नहीं बढ़ाया।

आज ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन का अंतिम दिन
शहर के 20 सरकारी स्कूलों में कॉमर्स, साइंस, आर्ट्स और वोकेशनल कोर्सेज में दाखिले के लिए रजिस्ट्रेशन और फॉर्म जमा करने का सोमवार आखिरी दिन है। सोमवार शाम तक विद्यार्थी दाखिले के लिए अप्लाई करके ऑनलाइन फॉर्म जमा कर सकते हैं। इसके बाद शिक्षा विभाग की तरफ से ऑनलाइन फॉर्म नहीं लिए जाएंगे। शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार रविवार शाम तक 12,500 सीटों के लिए 17,740 रजिस्ट्रेशन हुए। कुल 14,538 फॉर्म जमा हुए और 15,340 ऑनलाइन पेमेंट की गई।
इस वर्ष हम सरकारी स्कूलों में दाखिले को लेकर कोई बदलाव नहीं कर रहे हैं। अभी तक दाखिले को लेकर अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। - रूबिन्दरजीत सिंह बराड़, शिक्षा निदेशक, यूटी
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