रोजाना पठानकोट से जम्मू-कश्मीर जाने वाले लोगों के रोज कोरोना टेस्ट अनिवार्य करने के रोष स्वरूप सोमवार को भी वर्करों ने माधोपुर में ट्रैफिक जाम कर दिया। सुबह साढ़े 8 से 11 बजे तक वर्कर माधोपुर स्थित इंटर स्टेट बॉर्डर पुल पर धरना दिया। युवाओं ने जम्मू-कश्मीर प्रशासन पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया और नारेबाजी की। करीब दो घंटे बाद सहमति बनने पर प्रदर्शनकारी उठे और कोरोना टेस्ट करवाकर जम्मू-कश्मीर काम पर चले गए।
प्रदर्शनकारी जापान सिंह, अजय शर्मा, मुनीष यादव ने बताया कि शनिवार को धरना उठवाते वक्त जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने आश्वासन दिया था कि सोमवार को सभी वर्करों से एक फार्म भरवाया जाएगा। उसके साथ ही एक बार कोरोना टेस्ट कर निगेटिव आने पर 10 दिन का पास बनाकर दिया जाएगा।
रविवार और सोमवार को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने वादे के मुताबिक वर्करों को माधोपुर से आगे नहीं जाने दिया। कुछ लोग पंजाब से कोरोना रिपोर्ट लेकर पहुंचे थे। उसे भी स्थानीय पुलिस ने मानने से इनकार कर दिया और कुछ पुलिस कर्मचारियों ने पंजाब की रिपोर्ट को फाड़ दिया। वर्करों के साथ बदसलूकी की। इसके बाद नाराज सैकड़ों वर्कर पुल पर ही धरना लगाकर बैठ गए। अब जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने पिछली मानी गई मांग के अनुसार एक बार कोरोना टेस्ट निगेटिव आने पर 10 दिन का पास बनवाने की बात मान ली है तो धरना उठा लिया गया।