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गुलाबों से है प्यार तो रोज गार्डन आकर कीजिए दीदार, 830 किस्में

Thu, 21 Dec 2017 10:26 AM IST
संजीव पंगोत्रा/अमर उजाला, चंडीगढ़
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रोज गार्डन
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चंडीगढ़ की शान रोज गार्डन की हवाओं में एक बार फिर से गुलाबों की खुशबू घुलने लगी है। तीन माह के बाद रोज गार्डन में विभिन्न रंगों के गुलाब खिल चुके हैं। इससे यहां एक बार फिर पर्यटकों की चहल-पहल शुरू हो गई है। खिली हुई धूप में पर्यटक यहां पर इन फूलों के साथ सेल्फी लेने में जुट गए हैं। लगभग 42.25 एकड़ में फैले रोज गार्डन में गुलाबों को देखने के लिए हर साल लाखों की संख्या में देश भर से सैलानी आते हैं।
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रोज गार्डन में इनकी देखभाल करने वालों की तीन महीने की मेहनत के बाद यहां हर तरफ विभिन्न रंगों के गुलाब निकल आए हैं। इस बार यहां पर 830 विभिन्न किस्मों के गुलाबों को लगाया गया है। रोज गार्डन में इस बार गुलाबों में कई रंग के गुलाब शामिल हैं। इनमें लाल रंग की कई वैराइटी हैं।

इसके साथ ही गुलाबी, येलो, मिल्की, ऑफ व्याइट, स्काई ब्लू, ग्रीन, क्रीम किस्मों के गुलाब हैं। वहीं क्वीन एलिजाबेथ गुलाबी रंग का गुलाब और ब्लैक रूबी काले रंग का गुलाब सबके आकर्षण का केंद्र बना हुआ हैं। यह ब्लैक रूबी और क्यूीन एलिजाबेथ के फूल 5-8 इंच के सबसे बड़े आकार के फूल हैं।
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एशिया का का सबसे बड़ा गार्डन
साल 1967 में रोज गार्डन बना था। चंडीगढ़ के पहले कमिश्नर डॉ. एमएसा रंधावा की ओर से इसका नामकरण किया गया था। माना जाता है कि लगभग 42.25 एकड़ भूमि में फैला यह रोज गार्डन एशिया के सबसे बड़े रोज गार्डन में से एक है।

इसकी देखभाल के लिए 50 से अधिक माली रखे गए हैं। रोज गार्डन में इतनी गुलाबों की किस्मों को तैयार करना किसी चुनौती से कम नही है। गुलाबों की विभिन्न किस्मों को तैयार करने के लिए देसी और अंग्रेजी खादों का इस्तेमाल किया जाता हैं।

रोज फेस्टिवल में रहती है गुलाबों की धूम
फरवरी माह के अंत में यहां पर रोज फेस्टिवल का आयोजन किया जाता हैं। उस वक्त इन गुलाबों का रुतबा और भी बढ़ जाता है। तीन दिन तक चलने वाले इस रोज फेस्टिवल में देश ही नहीं, विदेशों से सैलानी इन गुलाबों को देखने के लिए पहुंचते हैं।
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