जानकारी के अनुसार, उक्त पदों को समाप्त करने के प्रस्ताव में राज्य सरकार ने गत 14 अक्तूबर को हुई कैबिनेट की बैठक में ही मुहर लगा दी थी लेकिन इस संबंध में नोटिफिकेशन 16 दिन बाद जारी किया गया है। नोटिफिकेशन में साफ कर दिया गया है कि समाप्त किए गए पद लंबे समय से खाली थे और अब इन पदों को भविष्य में जारी नहीं रखा जाएगा।
पंजाबियों से धोखा: शिअद
सरकार के इस फैसले की विपक्ष ने कड़ी आलोचना की है। शिअद के प्रवक्ता ने कहा कि नौजवानों का नौकरी का वादा करके सत्ता में आई आम आदमी पार्टी (आप) ने इस मामले में भी पंजाबियों से धोखा किया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा अब तक 35 हजार नौकरियां देने का दावा किया जा रहा है, जबकि सैकड़ों की संख्या में सरकारी विभागों में पद ही समाप्त किए जा रहे हैं। यह पहला मौका जब सरकारी विभागों में इतने बड़े पैमाने पर पदों को समाप्त किया गया है। इससे साफ है कि आप सरकार नौजवानों के लिए सरकारी विभागों में नौकरी के अवसर समाप्त कर रही है।