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रोज फेस्टिवल पर आया नया फैसला.. यहां मिलेगी जानकारी

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चंडीगढ़। सांकेतिक रोज फेस्टिवल में इस बार सांस्कृतिक कार्यक्रम बेशक न हों, लेकिन गुलाबों की खुशबू और खूबसूरती कम नहीं होगी। लोग गुलाब की 829 प्रजातियां देख सकेंगे। वहीं, क्वीन एलिजाबेथ और आइसबर्ग प्रजाति के गुलाब आकर्षक का केंद्र रहेंगे।
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कोरोना महामारी के कारण इस बार सांकेतिक रूप से रोज फेस्टिवल मनाया जा रहा है। हर साल गुलाबों की विशेष श्रृंखला के साथ रोज गार्डन की खूबसूरती देखते ही बनती है। विभिन्न रंगों के गुलाब लोगों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। देशी और विदेशी प्रजाति की लगभग 700 से ज्यादा प्रजातियां शोभा बढ़ाती हैं। साल-दर-साल इन प्रजातियों में इजाफा होता है। कोरोना के चलते इस बार नई प्रजातियों कम आई हैं।
क्वीन एलिजाबेथ की क्यारियां बढ़ाईं
रोज गार्डन में क्वीन एलिजाबेथ प्रजाति फिर से लोगों के आकर्षण का केंद्र होगी। गुलाबी रंग में लिपटी पंखुड़ियां, किसी पश्चिमी पहनावे की तरह खूबसूरत लगती हैं। गार्डन में इस बार क्वीन एलिजाबेथ प्रजाति के गुलाबों की क्यारियां चार से बढ़ाकर पांच कर दी गई हैं। इसमें इसकी अलग-अलग किस्में दिखेंगी। वर्ष 1979 में इस गुलाब को वर्ल्ड फेवरेट रोज का पुरस्कार मिला था। अधिकारियों ने बताया कि क्वीन एलिजाबेथ द्वितीय की ताजपोशी के दौरान इस फूल को यह नाम दिया गया।
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इन प्रजाति के गुलाबों पर रहेगी नजर
- सिनको दि मायो
- अरुणिमा
- सोरबेत बैंक्विट
- मार्डिंग रास
- ऐनी हेंडरसन
- मार्मलेड स्क्ल्स
- टेम्पी माडर्न
- इंपटेंट
- करिश्मा
- पिलो टाक
- टैक्सास
चार हजार नई प्रजातियां उगाने का लक्ष्य
निगम अपने गार्डन में गुलाब की चार हजार नई प्रजातियां उगाने की तैयारी में है। सेक्टर-17 अंडरपास बनने के दौरान लगभग 150 से ज्यादा गुलाब की प्रजातियां निगम को हटानी पड़ी थीं। इसके बाद निगम ने इन गुलाबों की प्रजातियों को बचाने का प्रयास किया था, लेकिन सफल नहीं हो सके थे। अब निगम इन्हीं प्रजातियों में से चुनिंदा गुलाबों की पौध तैयार कर रहा है।
न चापर दिखेगा और न होंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम
इस बार फेस्टिवल में न चापर दिखेगा और न कोई सांस्कृतिक गतिविधि होगी। हाल में हुई सदन की बैठक में तय किया गया कि इस फेस्टिवल में खर्च होने वाली राशि में से 25 लाख रुपये रोज गार्डन के सौंदर्यीकरण पर खर्च करेंगे, ताकि गुलाबों की प्रजातियों को और बेहतर बनाया जा सके। साथ ही बंगलूरू और कोलकाता से गुलाब की नई प्रजाति मंगाई जाएंगी। इसके लिए निगम सूची तैयार कर रहा है।
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