चार दिन तक मृत बेटे के पास 82 वर्षीय बुजुर्ग बेसुध पड़ा रहा। गेट के बाहर पड़े अखबार के बंडल और बदबू से लोगों को शक हुआ। लोगों ने इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दी, जिसने घर का दरवाजा खोलकर देखा तो युवक मृत पड़ा था, जबकि पिता शव के पास बेसुध पड़ा था। मृतक की पहचान सुखविंदर सिंह (36) निवासी फेस-1 के रूप में हुई। पुलिस ने शव को मोर्चरी में रखवा दिया है, जबकि बुजुर्ग बलवंत सिंह को अस्पताल में भर्ती करवाया है। थाना फेज-एक की पुलिस ने 174 की कार्रवाई की है।
मामला फेज-एक मकान नंबर एचबी-104 में सोमवार को सामने आया। मकान में बलवंत सिंह और उनका बेटा सुखविदंर सिंह काफी सालों से रह रहे थे। बुजुर्ग दूर संचार विभाग दिल्ली से रिटायर थे, जबकि उनका बेटा ड्राइवरी करता था। बुजुर्ग की पत्नी की पहले ही मौत हो चुकी है। मौके पर पहुंचे फेज-चार निवासी रिश्तेदार कमलप्रीत सिंह ने बताया कि पिता-पुत्र दोनों ही बाहर से खाना लाकर खाते थे।
दोनों का पड़ोसियों से तालमेल नहीं था। दोनों को गत कुछ दिनों से पड़ोसियों ने नहीं देखा था। सोमवार को जब घर से बदबू आने लगी तो पुलिस को सूचना दी। पहले पीसीआर पहुंची। घटनास्थल का मुआयना करने के बाद अधिकारियों को सूचित किया। पुलिस ने शव को मोर्चरी में रखवा दिया है। जबकि पिता को अस्पताल में भर्ती कराया है। वह अभी बोलने की स्थिति में नहीं हैं। सूत्रों के अनुसार मृतक का शव नीला पड़ा गया था। पुलिस का कहना है कि बलवंत सिंह के ठीक होने पर सच्चाई सामने आएगी।
बेटे को गोद लिया था
बुजुर्ग के रिश्तेदार ने बताया कि सुखविदंर सिंह असल में बलवंत सिंह का पुत्र नहीं था। उन्होंने अपनी साली से गोद लिया था। उस समय सुखविंदर की उम्र मात्र तीन साल की थी। सुखविंदर का पालन पोषण बलवंत सिंह ने ही किया था। बलवंत सिंह अपनी पत्नी की मौत के बाद काफी टूट गया था।