विजय इंदर सिंगला, शिक्षा मंत्री।
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पंजाब में अब ग्रामीण परिवेश के छात्र भी स्मार्ट शिक्षा हासिल कर सकेंगे। पंजाब सरकार 1377 और सरकारी स्कूलों को स्मार्ट बनाने जा रही है। इसमें गांव के 817 और शहरी के 560 सरकारी स्कूलों को शामिल किया गया है। शिक्षा विभाग ने इन स्कूलों को चिह्नित कर कार्ययोजना बनानी शुरू कर दी है। सरकार इन स्कूलों को स्मार्ट बानने में 357.34 करोड़ रुपये खर्च करेगी।
पंजाब में कुल 19130 सरकारी स्कूल हैं। इनमें अभी तक 41 प्रतिशत स्कूल पहले ही स्मार्ट स्कूलों में तब्दील किए जा चुके हैं। अब सरकार 1377 और सरकारी स्कूलों को स्मार्ट स्कूलों में तब्दील करने की तैयारी कर रही है। शिक्षा विभाग का ग्रामीण क्षेत्रों पर विशेष फोकस है। यही वजह है कि चिह्नित 1377 स्कूलों में शहरी क्षेत्र के मुकाबले ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों को अधिक प्राथमिकता दी गई है।
उच्चीकरण प्रक्रिया के दौरान इन स्कूलों में अतिरिक्त क्लास रूम, संगठित विज्ञान प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, लड़कों और लड़कियों के लिए अलग-अलग शौचालय, पीने योग्य पानी की सुविधा, सुरक्षा के मद्देनजर ऊंची बाउंड्री, ग्रीन बोर्ड, मिड-डे-मील के लिए खाना खाने वाली जगह और कलर कोडिंग जैसी सुविधाओं की व्यवस्था भी की जाएगी। साथ ही स्कूलों में मरम्मत और रख-रखाव का बजट भी रखा जाएगा।
ऐसे किया जाएगा बजट खर्च
स्कूल के आधुनिकीकरण के लिए शिक्षा विभाग ने क्रमवार 209.77 करोड़ रुपये और 147.56 करोड़ खर्च करने की योजना बनाई है। इन स्कूलों में से 605 प्राथमिक स्कूल, 80 माध्यमिक, 159 हाईस्कूल और बाकी 533 सीनियर सेकेंडरी स्कूल हैं। इन 1377 स्कूलों की नवीनीकरण प्रक्रिया इस वित्त वर्ष में पूरी की जाएगी।
अब तक 7,823 स्कूलों को स्मार्ट स्कूलों में तब्दील किया जा चुका है। पंजाब के कुल 19130 सरकारी स्कूलों में से 41 प्रतिशत स्कूल पहले ही स्मार्ट स्कूलों में बदले जा चुके हैं। सरकार ने अपने पांच सालों के कार्यकाल में सभी स्कूलों को स्मार्ट स्कूलों में तब्दील करने का लक्ष्य निश्चित किया है। - विजय इंदर सिंगला, शिक्षा मंत्री, पंजाब।