जानकारी देते हुए ममता (20) ने बताया कि वो गैस-चूल्हे के पास बैठकर आटा गूंध रही थी। इसी दौरान वहां हलका नामक श्रमिक आया, जिसने बीड़ी सुलगाने के लिए माचिस जलाई। इस दौरान गैस के पाइप ने एक दम आग पकड़ ली और धमाका हो गया। धमाके के साथ फैली आग में हाल में बैठी दो महिलाओं सहित 2 बच्चे व 4 पुरुष झुलस गए।
डॉक्टरों के मुताबिक 22 वर्षीय दलीप 21 प्रतिशत, 34 वर्षीय उर्मिला 15 प्रतिशत, उर्मिला का 6 साल के बेटे प्रशांत 35 प्रतिशत, 4 साल का कार्तिक 25 प्रतिशत, 18 वर्षीय पंकज 19 प्रतिशत, 40 वर्षीय हलकाराम 10 प्रतिशत, 25 वर्षीय उदयभान 50 प्रतिशत सहित 20 वर्षीय ममता 15 प्रतिशत तक झुलस गए। सभी का इलाज सामान्य अस्पताल में चल रहा है।
ये बरतें सावधानी:
-गैस सिलेंडर को रात को नीचे से बंद करके सोएं
-गैस चूल्हे को जलाने से पहले लीकेज को चेक कर लें।
-रसोई में आते ही गैस की सुगंध को पहचाने।
-गैस पाइप को समय-समय पर चेक कराते रहें।
-गैस से बच्चों को दूर रखें।