जांबाज की बहादुरी को सलाम, बिजली विभाग के कर्मचारी ने अपनी जान देकर पांच युवकों की जान बचा ली। उसका शव चार घंटे की मशक्कत के बाद मिला। मामला हरियाणा का है। पानीपत के सनौली में सोमवती अमावस्या पर यमुना नदी में स्नान कर रहे पांच युवकों को डूबने से बचाने कूदे मीटर रीडर की जान चली गई।
नदी पुल पर सोमवार को पांच युवक स्नान कर रहे थे, तभी वे डूबने लगे। उन्होंने शोर मचाया, तो उनकी आवाज सुनकर नदी किनारे स्नान कर रहे बिजली विभाग में तैनात मीटर रीडर 52 वार्षीय गांव बापौली निवासी ईश्वर पुत्र भरतू सिंह ने छलांग लगा दी। इस दौरान गोताखोर भी नदी में कूदे थे।
सभी ने मिलकर पांचों युवकों की जान बचा ली, लेकिन उन्हें बचाने के लिए सबसे पहले कूदे ईश्वर की डूबने से मौत हो गई। चार घंटे की मशक्कत के बाद गोताखोर उसका शव खोज सके। छलांग लगाने के बाद भी काफी देर तक ऊपर नहीं आने पर गोताखोरों ने उसकी तलाश शुरू की।
घटना की सूचना सनौली थाना और यूपी कैराना पुलिस को दी गई। दोनों थानों की पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो यमुना में डूबने वाली जगह यूपी कैराना क्षेत्र की बताई गई। फिर नदी में डूबे मीटर रीडर की तलाश यूपी पुलिस टीम इंचार्ज हरीओम त्यागी और एएसआई ने और प्राइवेट गोताखोरों को बुलाकर शुरू की। गोताखोर सद्दाम, संदीप, सोनू राजू, राजकुमार, धमेंद्र ने चार घंटे बाद मीटर रीडर के शव को बरामद किया। शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया।
डेढ़ महीने में आठ युवकों की यमुना में डूबने से हुई मौत
यमुना नदी में स्नान करते हुए करीब डेढ़ महीने में आठ युवकों की डूबने से मौत हो चुकी है। बचाव के लिए पुलिस, प्रशासन के पास भी कोई पुख्ता प्रबंध नहीं हैं। चार दिन पहले भी यमुना नदी में डूबने से दो युवकों की मौत हुई थी। दोनों युवकों के शव तीन दिन बाद यमुना के अंदर कई किलोमीटर की दूरी पर तैरते मिले थे। गांव धनसौली निवासी 17 वर्षीय युवक अमन की 13 मई को डूबने से मौत हो गई थी। 18 मई को पूर्णिमा स्नान के दौरान स्नान दौरान एक 22 वर्षीय युवक की मौत हो गई थी।