गैंगस्टर दिलप्रीत और उसके साथियों की गिरफ्तारी से पंजाब में एक आपराधिक गैंग का खात्मा हो गया है। यह दावा राज्य पुलिस द्वारा किया जा रहा है लेकिन इसके साथ ही राज्य पुलिस का यह भी कहना है कि सूबे में अभी आठ ओर गैंग सक्रिय हैं और इन गैंग के अधीन कम से कम 50-50 छोटे-बड़े गैंगस्टर आपराधिक वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।
पंजाब पुलिस इंटेलिजेंस विंग के संगठित क्राइम कंट्रोल यूनिट के आईजी कुंवर विजय प्रताप सिंह ने यह खुलासा करते हुए बताया कि इन गैंगस्टरों का नेटवर्क भारत के तीन चौथाई हिस्से में फैला है। उन्होंने दिलप्रीत के साथी रिंदा का उदाहरण देते हुए कहा कि रिंदा के खिलाफ महाराष्ट्र के अलावा कोलकाता में भी केस दर्ज हैं। उन्होंने बताया कि गैंगस्टरों के पूरे नेटवर्क को तोड़ने के लिए राज्य पुलिस का इंटेलिजेंस विंग अन्य राज्यों की पुलिस के साथ तालमेल बनाकर कार्रवाई कर रहा है।
पंजाब में सक्रिय गैंगस्टरों का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि यह गैंगस्टर सूबे में दहशत फैलाने का काम करते हैं ताकि व्यापारी और धनी लोग उनसे डरकर उन्हें फिरौती देते रहें। उन्होंने बताया कि प्रदेश में जो आठ गैंग सक्रिय हैं, उनमें मुख्यत: सुखप्रीत हैरी चट्ठा, जयपाल, सुखप्रीत बुड्डा, अमृतसर का शुभम, बटाला के ग्रामीण इलाकों में सक्रिय सुख भिखारीवाल, रिंदा, गगन हठूर और अमन डान के गैंग हैं।
आईजीपी कुंवर विजय प्रताप सिंह ने दावा किया कि पंजाब जल्दी ही गैगस्टर मुक्त हो जाएगा क्योंकि इन गैंगस्टरों के खिलाफ राज्य पुलिस के सभी विंग और बाहरी राज्यों की पुलिस के साथ तालमेल करके कार्रवाई को अंजाम दिया जा रहा है। उन्होंने माना कि विकी गौंडर के एनकाउंटर के बाद पंजाब में जो शांति का माहौल बना था, वह सुखप्रीत बाबा की सक्रियता के चलते गैंगस्टरों का हौसला बढ़ाने वाला साबित हुआ।
रोमी हांगकांग में गिरफ्तार, पंजाब पुलिस की टीम रवाना
उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि पंजाब पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है और हांगकांग में छिपा पंजाब का गैंगस्टर रोमी वहां गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि रोमी को भारत लाने के लिए विदेश मंत्रालय स्तर पर कार्रवाई शुरू हो गई है और पंजाब से पुलिस अधिकारियों की टीम भी हांगकांग रवाना हो गई है।
आईएसआई पर आतंकियों से गठजोड़ पर नजरें
पंजाब के गैंगस्टरों की सीमा पार पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई और अन्य आतंकियों के साथ गठजोड़ पर भी राज्य पुलिस और खुफिया तंत्र की नजरें जमी हैं। आईजी कुंवर प्रताप ने बताया कि यह देखने में आया है कि आपराधिक गतिविधियों में गैंगस्टर ग्रुप आपस में मिलकर वारदातें भी कर रहे हैं। उन्होंने आतंकियों से गैंगस्टरों के संबंधों के बारे में कहा कि नाभा जेल ब्रेक में हरमिंदर मिंटू को छुड़ाया गया था, जो आतंकियों को हथियार मुहैया कराता था। उन्होंने बताया कि पकड़े गए गैंगस्टरों के आतंकियों से तार जुड़े होने की जांच भी की जा रही है।