पंजाब में डेंगू का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। सूबे में इस बीमारी ने पिछले चार वर्ष का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। अब तक 21 हजार से अधिक लोग डेंगू की चपेट में आ चुके हैं। जबकि इस वर्ष 75 लोगों की मौत हो चुकी है। इससे पहले 2017 में 15400 लोग डेंगू से संक्रमित हुए थे और 18 लोगों की मौत हुई थी।
डेंगू को रोकने के लिए पंजाब सरकार के द्वारा किए गए काम नाकाफी होते दिख रहे हैं। डेंगू को लेकर हालात इतने खराब हो चुके हैं कि 30 सितंबर से 25 नवंबर के बीच राज्य में 21 हजार मामले सामने आए हैं और 75 लोगों की मौत हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार डेंगू को लेकर अब तक की सबसे खराब वृद्धि है। 23 जिलों में मोहाली में हालात सबसे ज्यादा खराब हैं।
इसके बाद बठिंडा, होशियारपुर और पठानकोट में सबसे ज्यादा संक्रमित और मौतें हुई हैं। डेंगू को लेकर गांवों की अपेक्षा शहरों में हालात ज्यादा खराब हैं। 80 प्रतिशत ज्यादा मामले शहरों में मिल रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का दावा है कि मामलों में गिरावट शुरू हो गई है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि रात के तापमान में गिरावट आने तक बीमारी का प्रकोप जारी रहेगा।
सर्वे में ये विभाग मिले जिम्मेदार
डेंगू को लेकर कुछ विभागों के द्वारा की जा रही लापरवाही सामने आई है। स्वास्थ्य विभाग के सर्वे में खुलासा हुआ है कि स्थानीय निकाय और ग्रामीण विकास विभाग के साथ-साथ ग्राम पंचायतें इस बीमारी के प्रकोप को रोकने के लिए समय पर कार्रवाई करने में विफल रहीं। सरकार इसकी समीक्षा करने में जुट गई है।
सूबे में पांच वर्षों में आए डेंगू के मामले
वर्ष मामले मौत
2021 21000 75
2020 8435 22
2019 10289 14
2018 14980 09
2017 15398 18
राज्य में डेंगू को लेकर अब हालात सामान्य होने लगे हैं। जैसे जैसे तापमान में गिरावट आएगी, डेंगू में भी कमी आएगी। डेंगू के मामलों पर नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार प्रयास कर रहा है। -ओपी सोनी, उपमुख्यमंत्री, पंजाब सरकार।