फैसले के बाद पुलिस ने राम रहीम के 82 करीबियों के मोबाइल पर कॉल की, जिनमें से 70 नजदीकियों के मोबाइल नंबर स्विच ऑफ मिले, जबकि मात्र 12 से ही बात हो सकी। हालांकि कुछ अन्य के मोबाइल नंबर पुलिस के पास नहीं थे।
सभी थाना पुलिस ने राम रहीम के करीबियों के मोबाइल नंबर खुले और बंद होने के संबंध में अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी। रोहतक के एसपी जशनदीप सिंह रंधावा ने बताया कि सजा के बाद राम रहीम के अनुयायियों पर नजर रखी गई। कुछ नजदीकियों ने सजा के बाद मोबाइल ही बंद कर लिए थे।
नामचर्चा घर पर लटका रहा ताला, पुलिस रही तैनात
अस्थल बोहर गांव के नामचर्चा घर पर राम रहीम पर आने वाले फैसले के मद्देनजर सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस तैनात की गई थी। दिनभर नामचर्चा घर पर ताला लटका रहा। पुलिस के अलावा सीआईडी भी नामचर्चा घर पर नजर रखे हुए थी।
साहब, अब हम राम रहीम के अनुयायी नहीं है
रोहतक, सिरसा, फतेहाबाद, सोनीपत के कुछ राम रहीम के अनुयायियों के घर पर पुलिस पहुंची तो उनके परिजनों ने कहा कि वह अब राम रहीम के सेवक नहीं है। दुष्कर्म के मामले में सजा के बाद से ही उन्होंने राम रहीम से नाता तोड़ लिया था। पुलिस ने उक्त लोगों द्वारा दिए गए जवाब से अधिकारियों को अवगत कराया है।