निकटवर्ती गांव अबलोवाल में शुक्रवार बाद दोपहर हाईटेंशन 220 केवी लाइन की चपेट में आने से बाप-बेटी समेत सात लोग झुलस गए। बुरी तरह से झुलसे इन लोगों को तुरंत पटियाला के राजिंदरा अस्पताल में दाखिल कराया गया, जहां बच्ची समेत चार को पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया। यह हादसा घर में बिजली का मीटर लगाते वक्त हुआ।
पावरकाम के एसई भूपिंदर शर्मा ने बताया कि अबलोवाल की दर्शना कालोनी के रहने वाले गुलाम साबर ने अपने नए घर में बिजली का मीटर लगाने के लिए अप्लाई किया था। जो 220 केवी लाइन के बिल्कुल नीचे बना है।
शुक्रवार जब बाद दोपहर करीब सवा दो बजे पावरकाम के दो मुलाजिम लक्षित कुमार (30) और त्रिलोक सिंह (48) बिजली का मीटर लगाने गए। इसी दौरान घर की छत के ऊपर से निकल रही 220 केवी लाइन से कोई लोहे की चीज लगने से गुलाम साबर और पास लगते एक घर में करंट आ गया।
करंट से गुलाम साबर (26), उसकी बेटी सानिया, पड़ोसी अरमान (23), पड़ोसी लाल चंद (28), कृष्णचंद (36) और पावरकाम मुलाजिम लक्षित और त्रिलोक सिंह बुरी तरह से झुलस गए।
यही नहीं गुलाम साबर के साथ वाले घर में आग लगने से सारा सामान जल गया। झुलसे लोगों को तुरंत राजिंदरा अस्पताल लाया गया। जहां गुलाम साबर व उसकी बेटी सानिया, पावरकाम मुलाजिम लक्षित, लाल चंद की हालत गंभीर देखते हुए इन्हें पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया।
एसई ने कहा कि यह घटना कैसे हुई, इसके बारे में जांच करके पता लगाया जाएगा। उन्होंने माना कि नियमों के मुताबिक हाईटेंशन तार के नीचे घर नहीं बनाया जाना चाहिए। लेकिन अकसर लोग सस्ते प्लाट मिलने पर रिस्क ले लेते हैं।